किसानों ने किशनगढ़-कोटपूतली एक्सप्रेसवे विवाद पर बेनीवाल को सौंपा ज्ञापन:उपजाऊ जमीनें अधिग्रहित करने के आरोप लगाए, बड़े आंदोलन की चेतावनी दी

किशनगढ़ से कोटपूतली के बीच प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के इंटरचेंज (सर्किल) के अलाइनमेंट में बदलाव को लेकर विवाद गहरा गया है। तोलामाल और नयागांव के सैकड़ों किसानों ने पाटन चौराहे पर नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल को ज्ञापन सौंपकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। किसानों का आरोप है कि एक्सप्रेसवे इंटरचेंज का पूर्व प्रस्तावित स्थान जयपुर की ओर था। इसे राजनीतिक दबाव के कारण नसीराबाद पुलिया की ओर किशनगढ़ दिशा में स्थानांतरित कर दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस बदलाव से तोलामाल और नयागांव के किसानों की उपजाऊ जमीनें अधिग्रहित की जा रही हैं। किसानों के अनुसार, इस अलाइनमेंट बदलाव से दर्जनों परिवार भूमिहीन होने की कगार पर हैं। इससे खेती पर निर्भर मजदूरों और दिहाड़ी कामगारों के सामने बेरोजगारी का संकट खड़ा हो जाएगा। किसानों ने यह भी बताया कि वर्ष 2003-04 में नसीराबाद पुलिया निर्माण के दौरान भी इसी प्रकार नक्शा बदलकर किसानों को नुकसान पहुंचाया गया था। किसानों की समस्याएं सुनने के बाद सांसद हनुमान बेनीवाल ने उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के नाम पर किसानों की आजीविका से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बेनीवाल ने आश्वासन दिया कि वे इस मुद्दे को उचित स्तर तक उठाएंगे। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि इंटरचेंज को पूर्व प्रस्तावित स्थान पर वापस नहीं किया गया, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इस दौरान शिवराज गुर्जर, केसर चौधरी, मोहन चौधरी, सुरेश राव, राजू गुर्जर, नंदा मास्टर, सरवन चौहान, किशन सहित सैकड़ों किसान उपस्थित थे।

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