अलवर में किसानों को बिना ब्याज मिलने वाले सरकारी पैसे को शाहपुरा कॉपरेटिव सौसायटी व बैककर्मी बीच में ही करीब 2 करोड़ रुपए डकार गए। शिकायत के बाद किसानों के बयान हो गए। उसके बावजूद रकम हड़पने वालों को बचाया जा रहा है। अब तक जिम्मेदारों पर कोई कार्यवाही नहीं की गई है। गड़बड़ी ये भी है कि एक किसान को दो-दो जगह से लोन दे दिया। जिसके पास जमीन नहीं उसे लोन दे दिया। कइयों के पास तो पशु तक नहीं है। यह पूरा खेल किसानों को विश्वास में लेकर किया गया। उनके अंगूठे के निशान लगवाकर सरकार से बढ़ी रकम कॉपरेटिव सोसायटी के पदाधिकारियों ने उठा ली और किसान को बताया नहीं कि सरकार ने उनका फसली ऋण बढ़ाया है। अब किसानों के बैंक खातों में रिकवरी मिली। तब किसान हक्के बक्के रह गए। इस मामले की उच्च स्तर पर शिकायत हुई। उसके बाद 27 जनवरी को किसानों के बयान हो गए। कई गांवों के किसानों ने लिखित में बयान दिए। उसके बावजूद जांच आगे नहीं बढ़ी है। वहीं गांव के किसानों का कहना है कि बैंक में बैठे कई अधिकारी मामले को दबाने में लगे हैं। कुछ पर पैसे लेकर जांच को खत्म करने के आरोप हैं। ये हैं किसानों के बयान डहरा किसान ज्ञानी राम ने कहा कि उसने केसीसी का केवल 33 हजार रुपए लिए थे। अब बैंक में 80 हजार रुपए की देनदारी बन रही है। जबकि पुराना पैसा समय पर चुकाया। नया पसौ उसे मिला। उसके बावजूद देनदारी है। यह बीच में पैसा सोसायटी के लोग मिलकर खा गए। दूसरे किसान ने कहा – उसके पास जमीन नहीं किसान हंसराज पुत्र ओमप्रकाश ने कहा कि उसके पास कोई जमीन नहीं है। उसे बुलाकार आधार कार्ड पर 12 हजार रुपए दिए गए। अब उसके बैंक खाते में 36 हजार रुपए एकी देनदारी है। उसे बार-बार सोसायटी में अंगूठा लगवाने के लिए बुलाया गया। यह सब फर्जीवाड़ा है। हिला बीरमती ने कहा- बेटी की शादी है, इतना कर्ज नहीं दिया जाएगा महिला बिरमती देवी ने कहा- चार साल पहले साढ़े 13 हजार रुपए लिए थे। अब पता लगा कि 40 हजार रुपए हो गए। जबकि बैंक में बिना ब्याज का पैसा मिलता है। बैंक में आने पर पता चला कि यह रकम बकाया चल रही है। मेरी बेटी की शादी है। यह नया कर्ज हम कहां से देंगे। मैं तो मर जाऊंगी, लेकिन इतना कर्ज नहीं दिया जाएगा। जांच जल्दी पूरी होगी हमें जांच के लिए केवल तीन दिन का समय मिला है। अभी फैक्चुल कंपाइल कर रहे हैं। जल्दी जांच रिपोर्ट दें देंगे। वैसे बैंक के स्तर पर डिटेल जांच हो रही हैं। दोनों से मिलान पर समझ आ सकेगा। कहीं गड़बड़ी है तो सब सामने आएगा।


