राजिम| राजिम कुंभ कल्प में आज मुख्य सांस्कृतिक मंच पर छत्तीसगढ़ी लोकसंगीत और भक्ति रस की विशेष प्रस्तुति होने जा रही है। छत्तीसगढ़ की लोकप्रिय लोक कलाकार एवं पार्श्व गायिका रिंकू आस्था भट्ट अपने भक्तिमय भजनों और छत्तीसगढ़ी गीतों से श्रद्धालुओं व दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगी। अपने लोक कला मंच के माध्यम से वे छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा को दर्शाते हुए “अरपा पैरी के धार, “महानदी है अपार”, “संगी रे”, “झूलना शूलाबे आमा के डार मा”, “कोसा के साही” जैसे प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ी गीतों की प्रस्तुति देंगी। उनकी मधुर आवाज़ और भावपूर्ण गायन शैली श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर देगी और पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठेगा। उल्लेखनीय है कि रिंकू आस्था भट्ट एक प्रोफेशनल सिंगर होने के साथ-साथ सफल पार्श्व गायिका भी हैं। वे जसगीत, भक्ति गीत और रोमांटिक गीतों की रचना ही नहीं करतीं, बल्कि उन्हें स्वयं स्वरबद्ध भी करती हैं। अब तक उनके कई एल्बम रिलीज़ हो चुके हैं, जिनमें देवी जसगीत, होली गीत सहित विभिन्न विधाओं के गीत शामिल हैं। साथ ही उन्हें कई भाषाओं में गायन का विशेष अनुभव और महारत हासिल है।


