भास्कर न्यूज | राजनांदगांव नाबालिग के साथ कुकर्म के मामले में फैसला सुनाते फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (पॉक्सो) राजनांदगांव पीठासीन न्यायाधीश ओमप्रकाश साहू ने आरोपी को 20 साल सश्रम कारावास की सजा दी है। आरोपी शुभम मंडावी (21 वर्ष) निवासी ग्राम अड़ाम थाना डोंगरगांव को सजा दी। दोषी पाए जाने पर भादसं की धारा 450 के तहत 5 वर्ष सश्रम कारावास एवं 1 हजार रुपए अर्थदंड, धारा 506 भाग-2 के तहत 3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1 हजार अर्थदंड लगाया गया है। लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) 2012 की धारा 4 के स्थान पर भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (3) के तहत 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 10 हजार रुपए का अर्थदंड की सजा से दंडित किए जाने का दंडादेश पारित किया गया है। अन्य दो आरोपियों के विरुद्ध अपराध प्रमाणित नहीं पाए जाने पर दोषमुक्त किया गया। मामले में शासन की ओर से पैरवी लोक अभियोजक (पाक्सो एक्ट) राजनांदगांव प्रिया कांकरिया ने की। उन्होंने बताया आरोपी शुभम मंडावी ने अगस्त 2019 में वारदात को अंजाम दिया था। पीड़िता के घर घुसकर कुकर्म किया था। जिसमें दो अन्य आरोपियों ने शुभम मंडावी का सहयोग किया था। सीसी कैमरे में आरोपियों की हरकत कैद हो गई थी। प्रार्थी (पीड़िता के पिता) की लिखित शिकायत पर थाना डोंगरगांव ने मामला पंजीबद्ध कर जांच शुरू की। आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। संपूर्ण जांच में अभियोग पत्र विचारण के लिए विशेष न्यायालय के समक्ष पेश किया गया था। उसे दोषी करार दिया गया।


