भास्कर न्यूज | राजनांदगांव कॉलेज परिसर में छात्राओं के मोबाइल नंबर और कक्षा की जानकारी कथित रूप से सार्वजनिक होने के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने उग्र प्रदर्शन कर प्राचार्या का पुतला दहन किया। विरोध में दिग्विजय कॉलेज परिसर में जोरदार नारेबाजी की गई और प्रशासन के खिलाफ कड़ा आक्रोश व्यक्त किया गया। एक दिन पहले कॉलेज परिसर में कुछ छात्राओं को मोबाइल फोन का उपयोग करते देखा गया था। प्राचार्या ने सख्ती बरतते कई छात्राओं के मोबाइल फोन जब्त कर किए कार्रवाई से छात्राओं में असंतोष की स्थिति उत्पन्न हो गई। मामले की सूचना मिलते ही अभाविप कार्यकर्ता कॉलेज पहुंचे और छात्राओं के समर्थन में आवाज उठाई। हस्तक्षेप के बाद जब्त किए गए मोबाइल फोन छात्राओं को वापस दिलाए गए। विवाद ने गंभीर रूप तब लिया जब उसी शाम कॉलेज प्रशासन की ओर से एक नोटिफिकेशन जारी किया गया, जिसमें कथित रूप से छात्राओं के नाम और मोबाइल नंबर और कक्षा संबंधी जानकारी सार्वजनिक हो गई। यह सूचना सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी, जिससे छात्राओं, परिजनों में गहरी चिंता और आक्रोश व्याप्त हो गया। एबीवीपी ने छात्राओं की निजता और सुरक्षा के साथ गंभीर लापरवाही बताया। निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग घटना के विरोध में बड़ी संख्या में अभाविप कार्यकर्ता कॉलेज पहुंचे और नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। संगठन ने मांग करते कहा इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। प्रदर्शन के दौरान प्राचार्या का पुतला दहन किया गया। इस दौरान प्रदेश कार्यसमिति सदस्य चांदना श्रीवास्तव ने कहा किसी भी शैक्षणिक संस्थान द्वारा छात्राओं की व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक करना गैर जिम्मेदाराना कृत्य है। यह केवल अनुशासन का विषय नहीं, बल्कि छात्राओं की गरिमा और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है। कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन करेंगे।


