जैसलमेर के पूनम नगर क्षेत्र में शनिवार को पर्यावरण प्रेमियों ने अपनी सूझबूझ से एक घायल हिरण के बच्चे की जान बचा ली। जंगली कुत्तों के हमले में घायल हुए इस हिरण को समय रहते इलाज देकर वन विभाग को सौंपा गया। कुत्तों के झुंड ने किया था हमला जानकारी के अनुसार, चंपा बेरी क्षेत्र में एक नन्हा हिरण विचरण कर रहा था, तभी अचानक जंगली कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया। कुत्तों के हमले से हिरण बुरी तरह घबरा गया और जान बचाने के लिए भागने लगा, लेकिन कुत्तों ने उसे घेर लिया और शरीर पर कई जगह गहरे घाव कर दिए। युवाओं ने दिखाई बहादुरी इसी दौरान वहां से गुजर रहे पर्यावरण प्रहरी राजूराम बिश्नोई और जगदीश बिश्नोई की नजर इस दृश्य पर पड़ी। उन्होंने बिना देर किए कुत्तों को भगाया और घायल हिरण को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इसके बाद उन्होंने तुरंत पूनम नगर के लाल सिंह को घटना की जानकारी दी। लाल सिंह भी फौरन मौके पर पहुंचे और तीनों ने मिलकर हिरण की देखभाल शुरू की। इलाज के बाद वन विभाग को सौंपा युवाओं ने सबसे पहले हिरण के घावों को साफ किया और उसे पानी पिलाया। कुछ देर बाद जब हिरण की हालत स्थिर हुई, तो वन विभाग की टीम को सूचित किया गया। वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और घायल हिरण को अपने साथ ले गए। अब हिरण का इलाज विभाग की देखरेख में चल रहा है। जीव रक्षा के लिए आगे आएं क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जंगली कुत्तों के हमले वन्यजीवों के लिए बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं। राजूराम, जगदीश और लाल सिंह के इस प्रयास की ग्रामीण सराहना कर रहे हैं। इन युवाओं ने साबित किया कि अगर हम थोड़ा सा जागरूक रहें, तो बेजुबान जीवों की जान बचाई जा सकती है।


