कुत्तों ने 3 साल की बच्ची को मार डाला:फतेहगढ़ साहिब में पानी लेने गई थी, चीख सुनकर जबतक लोग पहुंची मौत हो चुकी थी

फतेहगढ़ साहिब में एक बार फिर आवारा कुत्तों की समस्या और प्रशासन की लापरवाही को उजागर कर दिया है। जिले की तहसील खमाणों के गांव लखणपुर में आज एक हृदयविदारक घटना घटी, जिसमें आवारा कुत्तों के झुंड ने एक तीन साल की मासूम बच्ची को नोच-नोच कर मार डाला। इस घटना से पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन ने जल्द ही इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की, तो वे सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। चीख पुकार सुनकर लोग पहुंचे, लेकिन तबतक देर हो चुकी थी जानकारी के अनुसार, लखणपुर गांव के खेतों में बने एक मोटर घर में रहने वाले परिवार की बच्ची सुबह पानी लेने के लिए घर से बाहर निकली थी। तभी पास में स्थित हड्डारोड़ी (मृत जानवरों को फेंकने का स्थान) के पास घूम रहे आवारा कुत्तों ने उस पर अचानक हमला कर दिया। बच्ची की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और कुत्तों को भगाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। कुत्तों ने बच्ची को बुरी तरह से घायल कर दिया था, जिसके कारण उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हड्डारोड़ी होने से बढ़ रही कुत्तों की संख्या इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी गुस्सा है। उनका कहना है कि गांव में हड्डारोड़ी होने के कारण आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों का घर से निकलना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या के बारे में प्रशासन को कई बार शिकायतें दी गई हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। अब स्कूल जाने से भी डरते हैं बच्चे ग्रामीणों का यह भी कहना है कि कुत्तों के डर से कई बच्चे स्कूल जाने से भी डरते हैं, जिससे उनकी शिक्षा पर भी बुरा असर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल हड्डारोड़ी की समस्या का समाधान करने और आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने पीड़ित परिवार को सरकार से उचित मुआवजा देने की भी अपील की है, ताकि वे इस दुख की घड़ी में कुछ राहत पा सकें।

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