भास्कर न्यूज | बैकुंठपुर कुपोषित और कम वजन वाले नवजात शिशुओं की संख्या में कमी लाने जिला प्रशासन रणनीति बना रहा है। इधर, यूनिसेफ छत्तीसगढ़ की पोषण विशेषज्ञ डॉ. अर्पणा पांडेय दौरा करने पहुंची। जिला अस्पताल के एनआरसी में भर्ती कुपोषित बच्चों की माताओं से मुलाकात कर यहां मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। दरअसल, जिले में कुपोषण और कम वजन के नवजात शिशुओं की दर घटाने स्वास्थ्य विभाग अभियान चला रहा है। कलेक्टर चंदन त्रिपाठी के निर्देश पर जिला स्वास्थ्य विभाग ने समीक्षा बैठक कर रणनीति भी बनाई। इधर, शुक्रवार को यूनिसेफ छत्तीसगढ़ से आई पोषण विशेषज्ञ डॉ. अपर्णा देशपांडे ने कोरिया जिले के पोषण पुनर्वास केंद्र का दौरा किया। उन्होंने एनआरसी में भर्ती कुपोषित बच्चों की माताओं और प्रसूति वार्ड में भर्ती महिलाओं से स्वास्थ्य देखभाल, पोषण, स्तनपान समेत स्वच्छता पर चर्चा की। सीएमएचओ कार्यालय में हुई बैठक में कम वजन के नवजात शिशुओं की दर घटाने रणनीति पर भी चर्चा की गई। राज्य पोषण विशेषज्ञ ने स्वास्थ्य विभाग और महिला व बाल विकास विभाग के अधिकारियों के बीच समन्वय बनाकर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। यूनिसेफ की विशेषज्ञ डाक्टर निरीक्षण करने पहुंची। बच्चों के पोषण पर ध्यान दें: त्रिपाठी कलेक्टर चंदन त्रिपाठी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि तय लक्ष्यों की पूर्ति के लिए सभी विभाग संवेदनशीलता और समर्पण के साथ काम करें। उन्होंने कहा कि बच्चों को स्वस्थ और पोषित भविष्य देने यह जरूरी है। बैठक में स्वास्थ्य विभाग, महिला व बाल विकास विभाग, आकांक्षी विकासखंड फेलो, डीपीएम, यूनिसेफ जिला पोषण प्रतिनिधि, बीएमओ समेत डॉक्टर व अन्य अधिकारी समीक्षा बैठक में उपस्थित रहे।


