हिंदी साहित्य जगत के प्रसिद्ध कवि और आध्यात्मिक वक्ता डॉ. कुमार विश्वास ने अपना जन्मदिन मनाया। इस अवसर पर बूंदी जिले के राष्ट्रीय कवि रामावतार नागर और उनके पुत्र तेजस धाकड़ ने नोएडा स्थित उनके निजी आवास पर जाकर उन्हें शुभकामनाएं दीं। मुलाकात के दौरान डॉ. कुमार विश्वास ने अपने संघर्ष के दिनों को याद किया। उन्होंने जवानी के दिनों में देई और नैनवां में हुए कवि सम्मेलनों का जिक्र किया, जिन्हें उन्होंने कवियों के लिए ‘अखाड़ा’ बताया। देई का नाम लेते ही उन्होंने कवयित्री चंदा पाराशर को भी याद किया। इस अवसर पर बालकवि तेजस धाकड़ ने डॉ. कुमार विश्वास को उनकी प्रसिद्ध कविता ‘यह देश ऋणी है राणा सांगा के अस्सी घावों का’ सुनाई। तेजस का काव्यपाठ सुनकर डॉ. विश्वास ने नन्हें कवि को खूब आशीर्वाद दिया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। बालकवि तेजस धाकड़ वीर रस के प्रसिद्ध कवि रामावतार नागर के पुत्र हैं। तेजस वर्तमान में दिल्ली में पहली कक्षा में पढ़ते हैं। रामावतार नागर स्वयं रक्षा मंत्रालय में सहायक अनुभाग अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं।


