भास्कर न्यूज| महासमुंद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव के मार्गदर्शन में मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक संपन्न हुई। जिला नोडल अधिकारी डॉ. वी. पी. सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में जिले को कुष्ठ मुक्त बनाने के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए। बैठक में डॉ. सिंह ने स्वास्थ्य केंद्रों की भूमिका स्पष्ट करते हुए कहा कि शासन के निर्देशानुसार अब प्रत्येक आयुष्मान आरोग्य मंदिर को कम से कम 10 संभावित कुष्ठ मरीजों की पहचान करने का लक्ष्य दिया गया है। इसके साथ ही संपर्क रोगनिरोधक दवा कवरेज को वर्तमान 82% से बढ़ाकर 100% करने के निर्देश दिए गए। सभी उपचाररत मरीजों का डिसेबिलिटी एंड नर्व फंक्शन टेस्ट अनिवार्य रूप से करने को कहा गया है। कुष्ठ रोगियों के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण के लिए शासन द्वारा 750 रुपये प्रति माह की आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते (डीबीटी) में दी जा रही है। डॉ. सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी मरीजों के बैंक खाते और आधार विवरण तत्काल अपडेट करें ताकि भुगतान में देरी न हो। बैठक में जिला सलाहकारों ने आंकड़े प्रस्तुत किए। बैठक में एकेश्वर शुक्ला और बी एल साहू जिला सलाहकार द्वारा जिले की वर्तमान स्थिति की जानकारी देते हुए बताया गया कि वर्तमान में महासमुंद जिले में कुल 511 प्रकरण है। 19 बच्चे के प्रकरण, ग्रेड-2 विकृति के 21 प्रकरण दर्ज हैं। बैठक में जिला सलाहकार एकेश्वर शुक्ला, बी.एल. साहू सहित सभी विकासखंडों के कुष्ठ नोडल अधिकारी उपस्थित थे। लाइव डेमो से प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान फिजियोथेरेपिस्ट मधुराज ने कुष्ठ रोग से होने वाली शारीरिक विकृति को रोकने के लिए व्यायाम और देखभाल का लाइव डेमो दिया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे विकृति के मामलों में मरीजों को समय पर उच्च केंद्रों पर रेफर (संदर्भ) करें।


