कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर खेत की जमीन हड़पने पर मामला दर्ज

भास्कर न्यूज | भीलवाड़ा कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर अनुसूचित जाति की खेती जमीन को गैर अनुसूचित जाति के नाम दर्ज कर हड़पने के मामले में कोर्ट के आदेश पर सदर थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। पीड़ित उदय लाल ने सुरेखा पीपाड़ा, सुदर्शन पीपाड़ा एवं अन्य व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया। एसएचओ गजेंद्र सिंह के अनुसार, राजस्व ग्राम सुवाणा स्थित आराजी नंबर 2883 वर्ष 1975 में लक्ष्मण के नाम दर्ज थी। लक्ष्मण के निरक्षर होने का फायदा उठाकर सुवाणा निवासी एक व्यक्ति ने कथित रूप से राजस्व कर्मियों से मिलीभगत कर जमीन अपने नाम दर्ज करवा ली। बाद में इस जमीन को कई लोगों को बेच दी। हाल ही में ई-मित्र से नकल निकलवाने पर उदयलाल को पता चला कि जमीन वर्तमान में सुरेखा पत्नी सुदर्शन पीपाड़ा के नाम दर्ज है। जब उन्होंने संपर्क किया तो उन्हें जमीन पर नहीं आने की धमकी दी गई। एडवोकेट लक्ष्मी जादौन व मुकेश कुमार शर्मा ने बताया कि राजस्थान काश्तकारी अधिनियम की धारा 42 के तहत अनुसूचित जाति/जनजाति की कृषि भूमि का गैर अनुसूचित जाति के व्यक्ति के नाम विक्रय या नामांतरण कानूनन अवैध है। यदि ऐसा अंतरण हुआ है तो वह शून्य माना जाएगा और उससे क्रेता को कोई वैधानिक अधिकार प्राप्त नहीं होते। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *