भास्कर न्यूज | अमृतसर डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन को लेकर 4 लाख घरों में क्यूआर कोड लगाने के लिए कंपनी ने मार्च तक का टारगेट रखा है। एक जनवरी से कोड लगाने का काम शुरू किया गया था और अब तक 40 दिन में करीब 76 हजार घर को कवर किए जा चुके हैं। वहीं, टारगेट पूरा करने के लिए कंपनी ने 4 सुपरवाइजर के अंडर में 45 टीमें क्यूआर कोड चस्पा कराने के लिए लगाई हैं। टीमें 5 जोनों में डिवाइड की गई हैं ताकि तेजी से कोड लगाने का काम कराया जा सके। जल्द ही टीमें बढ़ाई जाएंगी। फिर एक दिन में 8 हजार क्यूआर कोड लगाने का टारगेट तय किया जाएगा। यदि ऐसा हुआ तो अगले माह 3 लाख घरों में कोड लग जाएंगे। वहीं, 3 इंस्पेक्शन टीमें बनाई गई हैं जो मौके पर चेक करेंगी कोड सही से लग रहे हैं या नहीं। लोगों को क्या मुश्किलें आ रही हैं। क्यूआर कोड को लेकर जोनवार रिपोर्ट तैयार करेंगे। दरअसल, जनवरी के 15 दिन में धीमी रफतार से काम होने से कंपनी 10 हजार घरों तक भी पहुंच नहीं बना पाई थी। इसके बाद एडिश्नल कमिश्नर सुरिंदर सिंह ने सख्त निर्देश दिए थे कि 2 माह में क्यूआर कोड लगाने का काम हर हाल में पूरा होना चाहिए। जिसके बाद कंपनी के अफसरों ने काम में तेजी लाई है। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन को लेकर 50 इलेक्ट्रिक गाड़ियां आने का इंतजार है। फरवरी में ही गाड़ियां लाने का प्लान तैयार किया गया था। जो छोटी होने के कारण वाल्ड सिटी में लगाई जाएंगी। जबकि वाल्ड सिटी में जो मिनी टिप्पर लगे हैं, वह दूसरे इलाकों में शिफ्ट किए जाएंगे। टेंडर का एग्रीमेंट होने के साढ़े 3 माह बीतने के बाद भी कुछ वार्डों में कूड़ा उठान की समस्या बनी हुई है। यह इलेक्ट्रिक गाड़ियां पहुंचते ही जो भी मुश्किलें आ रहीं वह खत्म हो जाएंगी। गाड़ियों के अलावा फिल हाल 500 मैन्युअल रिक्शा कूड़ा उठाने के लिए लगाए जा चुके हैं। 400 रिक्शॉ की तलाश कंपनी कर रही है। वह भी जल्द ही लगाए जाएंगे।


