भास्कर न्यूज | जालंधर सिटी में ग्रुप हाउसिंग यानी फ्लैटों वाली बहुमंजिला इमारतों वाली सोसायटियों को किचन वेस्ट से खाद बनानी होगी। ऐसा न करने पर नगर निगम चालान काटकर पेनल्टी वसूलेगा। रामामंडी में किंग हाउसिंग सोसायटी का तीसरी बार काटा गया है। ऐसे में 10 हजार से 25 हजार तक पेनल्टी लग सकती है। निगम की टीम चेकिंग के लिए पहुंची थी। नगर निगम सक्रियता इसलिए दिखा रहा है क्योंकि उसने एनजीटी में जवाब दाखिल करने के बाद 2019 से बंद पड़े नंगलशामा के कंपोस्टिंग यूनिट को चालू करना है। इस यूनिट में मोहल्लों से किचन वेस्ट लाकर उसकी कंपोस्ट (खाद) बनाई जाएगी। नगर निगम के हेल्थ अॉफिसर डॉ. श्रीकृष्ण ने बताया कि नंगलशामा में कंपोस्ट यूनिट अब अगले हफ्ते चालू कर दिया जाएगा। इलाके में फ्लैट, ढाबा और बाकी तमाम बड़े किचन वेस्ट जनरेटरों को खुद कंपोस्ट यूनिट चालू करने होंगे, ताकि निगम का प्लांट 5 टन से नीचे की कैपेसिटी से ही चले। इससे ऊपर होने पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। सबसे पहले निगम की टीम ने वीरवार को नंगलशामां में अपने कंपोस्टिंग पिट्स का दौरा किया। यहां चल रहे कार्यों का जायजा लेने के बाद प्लानिंग की गई कि अगले सप्ताह के अंत तक इन पिट्स में कंपोस्टिंग का काम विधिवत रूप से शुरू कर दिया जाएगा। इस मौके पर जरूरी सामान और मैनपावर की लिस्ट तैयार कर ली गई है, ताकि काम में कोई बाधा न आए। दूसरी तरफ बल्क वेस्ट जनरेटर फ्लैट सोसायटी का चालान काटा गया है। नियमानुसार जुर्माना लगेगा। आरोप है कि बार-बार चेतावनी के बावजूद सोसायटी ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियमों का पालन नहीं किया। इस कार्रवाई टीम में सेनेटरी इंस्पेक्टर अमनदीप धवन और मोनिका सेखरी शामिल रहे। क्या हैं सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियम 2016? अगर आप भी बल्क वेस्ट जनरेटर की श्रेणी में आते हैं, तो इन नियमों को जानना जरूरी है। ऐसी सोसायटियां, होटल या संस्थान जो रोजाना 100 किलो से ज्यादा कचरा पैदा करते हैं। उन्हें बल्क जेनरेटर कहते हैं। -ये अपने कचरे को गीला, सूखा और खतरनाक श्रेणियों में बांटंगे। ये अनिवार्य है। ऑनसाइट प्रोसेसिंग करनी होगी। गीले कचरे का निपटारा संस्था को अपने परिसर के भीतर ही खाद बनाकर करना होगा। -यूजर फीस और जुर्माना लगाने का निगम को अधिकार है। नियमों का पालन न करने पर निगम को भारी जुर्माना लगाने और सेवाएं रोकने का अधिकार है।


