श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क में चीतों को देखने के लिए पहुंच रहे पर्यटक मायूस होकर लौट रहे हैं। दरअसल, यहां उन्हें तेंदुआ, हिरण, बारहसिंगा सहित तमाम वन्यजीवों के दीदार तो हो जा रहे, लेकिन चीत नहीं दिखाई दे रहे। बताया जा रहा है कि अधिकारी और कर्मचारी पर्यटकों को चीतों के आसपास भी नहीं भटकने दे रहे। गौरतलब है कि हाल ही में खुले जंगल में 2 चीते अग्नि और वायु को छोड़ा गया है। दोनों चीते पूरी तरह स्वस्थ हैं। वे वन्य जीवों का शिकार भी कर रहे हैं, लेकिन 12 दिन बीतने के बाद भी पर्यटकों को इनके दीदार नहीं हो सके। बताया जा रहा है कि जिस इलाके में चीतों का मूवमेंट होता है, वन विभाग की टीम वहां पर्यटकों को भटकने भी नहीं दे रही। जहां चीतों का मूवमेंट था, उस इलाके की जानकारी तक शेयर नहीं की जा रही।गेट पर मिलने वाला गार्ड उन्हें चीतों के मूवमेंट वाले इलाके में न ले जाकर दूसरे इलाकों में घुमाकर वापस ले आता है। श्योपुर निवासी सोनू अग्रवाल ने बताया- मैं चीतों का दीदार करने के लिए उत्सुक हूं। मेरे साथी और परिवार के लोग भी चीते देखना चाहते हैं, लेकिन मेरे मिलने वाले जितने भी लोग कूनो घूमकर आए हैं। किसी को भी चीतों के आसपास भटकने तक नहीं दिया गया। इसलिए मैं इंतजार कर रहा हूं। जब चीतों का दीदार होने लगेगा, तब घूमने जाऊंगा। ऐसे हालात में कैसे बढ़ेगा पर्यटन कूनो नेशनल पार्क में चीता परियोजना शुरू होने के बाद लगा था कि अब जिले में पर्यटन की संभावनाएं बढ़ेंगी। पर्यटन से लोगों को रोजगार मिलेगा, लेकिन अब तक ऐसा कुछ नहीं हुआ। वहीं कूनो नेशनल पार्क के सीसीएफ उत्तम शर्मा का कहना है कि खुले जंगल में छोड़े गए और बाड़े में रह रहे सभी चीते स्वस्थ हैं। अभी पर्यटकों को चीतों के आसपास ले जाने या उनकी लोकेशन बताने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। फिलहाल और चीतों को खुले जंगल में छोड़ने की कोई तैयारी नहीं है।


