कूरियर कंपनी को 15 हजार हर्जाना भरने का आदेश:कोर्ट ने माना- दवा पार्सल देरी से पहुंचाना सेवा में कमी

ग्वालियर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कूरियर कंपनियों की लापरवाही को सेवा में कमी माना है। आयोग ने समय-संवेदनशील पार्सल की डिलीवरी में देरी के लिए मधुर कूरियर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को दोषी ठहराया है। कंपनी को उपभोक्ता को 15 हजार रुपए का मुआवजा देने का आदेश दिया गया है। यह मामला ग्वालियर निवासी हितेन्द्र राठौर से संबंधित है। उन्होंने 22 नवंबर 2024 को अपने पुत्र के लिए आवश्यक दवाइयों का पार्सल नोएडा भेजने हेतु मधुर कूरियर सर्विसेज में बुक कराया था। कंपनी ने 25 नवंबर तक तत्काल डिलीवरी का आश्वासन दिया था, क्योंकि उनके पुत्र को 30 नवंबर को नोएडा से कहीं और जाना था। हालांकि, पार्सल तय समय पर नहीं पहुंचा। 1 दिसंबर को कूरियर कंपनी ने बताया कि डिलीवरी पते पर कोई उपलब्ध नहीं था। उपभोक्ता ने स्पष्ट किया था कि संबंधित व्यक्ति जा चुका है और पार्सल वापस करने का अनुरोध भी किया था। आयोग ने पाया कि नोटिस भेजे जाने के बावजूद कूरियर कंपनी का कोई प्रतिनिधि सुनवाई के लिए उपस्थित नहीं हुआ। इसके बाद, उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर आयोग ने एकपक्षीय कार्यवाही की। आयोग ने माना कि कूरियर कंपनी ने सेवा में स्पष्ट कमी की है। दस्तावेजों से यह भी स्पष्ट हुआ कि इस देरी के कारण उपभोक्ता हितेन्द्र राठौर और उनके पुत्र को मानसिक और शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ा।

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