कृषि औजार अनुदान:बजट अभाव से एक-तिहाई किसानों को नहीं मिला लाभ, खेती-किसानी कृषि में काम आने वाले औजारों पर मिलता है अनुदान

अन्नदाताओं को कृषि कार्य में काम आने वाले औजारों पर सरकार द्वारा अनुदान दिया जा रहा है। किंतु बजट अभाव में एक तिहाई किसानों को ही अनुदान मिल पाया है। जिले में 1276 किसानों ने कृषि उपकरणों पर अनुदान के लिए आवेदन किया है, लेकिन अभी तक 429 किसान ही लाभान्वित हो सके हैं। शेष 847 किसानों को अनुदान राशि बजट अभाव में अभी तक नहीं मिल पाई है। विभाग का दावा है कि शेष किसानों की पत्रावलियों की जांच कर मुख्यालय भेजी जा रही है। बजट मिलते ही किसानों के खातों में राशि हस्तांतरित कर दी जाएगी। शेष आवेदनों पर पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर प्रशासनिक स्वीकृतियां जारी की जा रही हैं। उल्लेखनीय है कि कृषि विभाग ने कृषि कार्य में प्रयुक्त 15 से अधिक औजारों/उपकरणों पर 10 हजार से लेकर 2.5 लाख रुपए तक अनुदान देने की योजना है, ताकि किसान खेती को ज्यादा आसानी से कर सकें। जिले के लिए 1.74 करोड़ रुपए का बजट मंजूर हुआ था, जिसमें 1.49 करोड़ की राशि अनुदान के रूप में मुहैया करा दी गई है। राज किसान पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन ई-मित्र के जरिए किया जा सकता है। औजारों पर 2.5 लाख रुपए तक अनुदान दिया जा रहा है। इसमें सामान्य वर्ग के लिए 40 प्रतिशत और एससी-एसटी वर्ग के लिए 50 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है। अनुदानित राशि सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर की जाती है। प्रमुख औजारों में कुट्टी काटने की मशीन, सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल, मल्टीक्रॉप थ्रेशर, रोटावेटर, हेरो, ट्रैक्टर ड्रॉन रिपर, कल्टीवेटर, डिस्क प्लो, एमबी प्लाऊ, पावर वीडर, रिवर्सिबल हाइड्रोलिक प्लाऊ, लेवलर, रिजवेड प्लांटर आदि शामिल हैं। कृषि में काम आने वाले औजारों के लिए कर सकते हैं आवेदन कुट्टी करने की मशीन : यह सूखे व हरे चारे की कुट्टी यानी महीन करने में काम आती है।
सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल : तैयार खेत में खाद-बीज बुवाई के लिए काम आती है।
मल्टीक्रॉप थ्रेशर : कटाई के बाद फसल का दाना व भूसा अलग करने के काम आती है।
रोटावेटर : खेत की निराई-गुड़ाई व मिट्टी पलटने का काम करता है।
हेरो : यह मशीन भी खेत की निराई-गुड़ाई में काम आती है।
ट्रैक्टर ड्रॉन रिपर : यह मशीन फसल कटाई के काम आती है।
कल्टीवेटर : खेत की हंकाई व जुताई की जाती है।
डिस्क प्लो : यह मशीन भी खेत की मिट्टी पलटने के काम आती है।
पावर वीडर : फसल की निराई-गुड़ाई में काम आता है।
रिवर्सिबल हाइड्रोलिक प्लाऊ : खेत की जुताई के साथ ही यह मशीन आगे-पीछे चलकर खेती का काम करती है।
लेवलर : यह यंत्र भी खेत को समतल करने के काम आता है।
रिजवेड प्लांटर : यह खेत में डोली बनाने के काम आने के साथ ही पौधों की रोपाई भी करता है। “कृषि कार्य में काम आने वाले औजारों पर अनुदान प्राप्त करने के लिए किसानों को राज किसान पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। संबंधित औजार पर स्वीकृत राशि सीधे किसानों के खातों में ही जमा होगी। अब तक 1276 आवेदनों में से 429 किसानों के खातों में 1.49 करोड़ रुपए अनुदानित राशि ट्रांसफर की गई है। शेष आवेदनों का भी भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। बजट आते ही राशि हस्तांतरित की जाएगी।”
— राधेश्याम मीणा, जिला कृषि अधिकारी

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