भास्कर न्यूज | कोरबा छत्तीसगढ़ कृषि विज्ञान केंद्र सर्व कर्मचारी कल्याण संघ के आह्वान पर अधिकारियों-कर्मचारी 5 दिवसीय हड़ताल कर रहे हैं। इसके तीसरे दिन बुधवार को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर परिसर में धरना-प्रदर्शन किया गया। यह आंदोलन कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारियों और कर्मचारियों को पूर्ण वेतन, वैधानिक भत्ते व सेवा-लाभ प्रदान करने की मांग को लेकर चल रहा है। आंदोलन में प्रदेश भर के केंद्रों से कर्मचारी शामिल हो रहे हैं। संघ ने बताया कि बुधवार को शांतिपूर्ण व संवैधानिक तरीके से जारी आंदोलन को बाधित करने यूनिवर्सिटी प्रशासन ने पुलिस दल-बल की उपस्थिति में प्रशासनिक भवन के मुख्य द्वार पर ताला बंदी कर दिया। इस अप्रत्याशित कार्रवाई के कारण संघ के पदाधिकारी व सदस्यों को मुख्य गेट के बाहर ही धरना देने बाध्य होना पड़ा। तेज धूप और प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद कर्मचारियों ने शांतिपूर्वक व अनुशासित ढंग से अपना धरना जारी रखा। संघ के सदस्यों ने कहा कि यह कार्रवाई उनके लोकतांत्रिक व संवैधानिक अधिकारों के दमन का प्रयास है। संघ के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि केवीके के अधिकारी-कर्मचारी विश्वविद्यालय के ही होस्ट संस्था के अंतर्गत कार्यरत हैं और उनके वेतन व सेवा-संबंधी दायित्व विश्वविद्यालय प्रशासन के अधीन आते हैं। विगत 18 माह से पूर्ण वेतन और वैधानिक भत्तों के अभाव में कर्मचारी आर्थिक व मानसिक संकट से गुजर रहे हैं। संघ ने विश्वविद्यालय प्रशासन से फिर मांग की है कि कर्मचारियों की समस्याओं पर तत्काल संवेदनशीलता दिखाते हुए लिखित व समयबद्ध समाधान प्रस्तुत किया जाए। अन्यथा आंदोलन को और व्यापक रूप देने संघ बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।


