हरियाणा के करनाल में कर्ण कमल कार्यालय पहुंचे केंद्रीय मंत्री और करनाल लोकसभा सांसद मनोहर लाल ने शंभू बॉर्डर और खनौरी बॉर्डर पर बैठे किसानों के मामले को पंजाब का मामला बताया। उन्होंने कहा कि यह मसला पंजाब का ज्यादा है, हरियाणा में ऐसा कुछ नहीं है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को किसानों से बातचीत करने के निर्देश दिए थे। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक कमेटी भी बनाई थी। केंद्र सरकार किसानों से बातचीत करने की कोशिश कर चुकी है और दो-तीन बार बातचीत का ऑफर भी दे चुकी है, लेकिन कोई भी किसान उस कमेटी से मिलने नहीं आया। इसके बाद किसानों को फिर से पंचकूला में मीटिंग करने का ऑफर दिया गया है। वहां भी वे बातचीत करने नहीं आए। अब अगर किसानों को किसी शर्त पर बात करनी पड़ रही है तो यह ठीक नहीं है। जब दोनों तरफ से हाथ बढ़ाया गया है तो बढ़ाना चाहिए और मिल-बैठकर बातचीत करने से ही समाधान निकलेगा। मैं न तो कांग्रेस का पदाधिकारी हूं और न ही कार्यकर्ता कुलदीप शर्मा द्वारा कांग्रेस हाईकमान को पत्र लिखे जाने और कांग्रेस में मची कलह के सवाल पर मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि यह कांग्रेस का अंदरूनी मामला है और यह सवाल कांग्रेस नेताओं से पूछा जाना चाहिए। मैंने कांग्रेस में प्रवेश नहीं किया है और न ही मैं कांग्रेस का पदाधिकारी हूं और न ही कार्यकर्ता। इसलिए मीडिया को कांग्रेस के लोगों से मिलकर उनसे यह सवाल पूछना चाहिए। बागी पार्षदों के सवाल पर खट्टर बोले विधानसभा चुनाव में बागी पार्षदों द्वारा अपनी गलती मानने और डबल कोटा भरने के सवाल पर मनोहर लाल ने कहा कि यह पार्टी का अंदरूनी मामला है और पार्टी इस पर विचार कर अपना फैसला लेगी।


