केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा- वक्फ बिल से अल्पसंख्यकों की धार्मिक रीति-रिवाज में सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं है। इस बिल से मुस्लिम समाज की सम्पत्ति सुरक्षित और संरक्षित रहेगी। ईडी को लेकर उन्होंने कहा- यह तो हमने नहीं बनाई, कांग्रेस के जमाने से बनी हुई है। वक्फ बोर्ड की बात मेघवाल ने रविवार शाम को उदयपुर में भारतीय जनता पार्टी पटेल सर्कल स्थित कार्यालय पर वक्फ संशोधन बिल को लेकर अल्पसंख्यकों व शहर के बुद्धिजीवियों के बीच आयोजित कार्यशाला में कहीं। मेघवाल ने कहा- वक्फ कानून संशोधन बिल पूरी तरह से संवैधानिक तरीके से लोकसभा व राज्यसभा से पास कर राष्ट्रपति के हस्ताक्षर करवाकर प्रक्रिया पूरी की है। विपक्ष की ओर से कहा जाता है कि यह लोकसभा को अधिकार नहीं है। वे बोले- मैं पूछना चाहता हूं कि साल 1954, 1995 और 2013 में पूर्व सरकारों ने कैसे संशोधन किया। उन्होंने मुस्लिम समुदाय को बताया कि इस संशोधन से उनके धार्मिक रीति-रिवाज में किसी प्रकार का कोई परिवर्तन नहीं होगा। यह तो मात्र वक्फ संपत्तियों का प्रबंधन के बारे में संशोधन है। मेघवाल ने कहा- कांग्रेस की ओर से गठित सच्चर कमेटी ने भी यह स्वीकार किया कि वक्त संपत्तियों से 163 करोड़ की वार्षिक आय है जबकि सही प्रबंधन होने पर 10000 करोड रुपए की वार्षिक आय होगी, यह फायदा मुस्लिम वर्ग के गरीब माता बहनों छात्रों एवं गरीब व्यक्तियों का होगा। इस अवसर पर मुस्लिम समुदाय के पुरुष एवं महिलाओं ने अपने संशय को सामने रखते हुए सवाल किए, जिनका केंद्रीय मंत्री ने निराकरण किया। उन्होंने कहा- इस बिल से आय बढ़ेगी, जिसका फायदा मुस्लिम वर्ग के महिलाओं छात्रों को होगा, नए छात्रावास ट्रेनिंग सेंटर आदि बनाए जाएंगे। इसके बाद मीडिया से बातचीत में मेघवाल ने नेशनल हेराल्ड मामले पर कहा- ईडी हमने तो बनाई नहीं है। ये तो कांग्रेस के समय से बनी हुई है। कांग्रेस के लोग ईडी के दफ्तर में जाकर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे है। आपको कोई पक्ष रखना है तो कोर्ट जाए। कानून तो सोनिया गांधी और राहुल गांधी सब पर लागू होगा। इससे पहले कार्यशाला में सांसद मन्नालाल रावत, जिला प्रभारी बंशीलाल खटीक, शहर विधायक ताराचंद जैन, भाजपा शहर जिला अध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़, सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक प्रमोद सामर आदि उपस्थित थे। प्रारंभ में अल्पसंख्यक जिलाध्यक्ष अख्तर सिद्दीकी ने स्वागत किया।


