केंद्र-किसानों की छठे दौर की वार्ता बेनतीजा:अब अगली मीटिंग 19 मार्च को; केंद्रीय मंत्री शिवराज बोले- बैठक अच्छे माहौल में हुई

फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) समेत अन्य मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों के प्रतिनिधिमंडल और केंद्र सरकार के बीच शनिवार (22 फरवरी) को चंडीगढ़ में छठे दौर की बातचीत भी बेनतीजा रही। ढाई घंटे चली मीटिंग में कोई हल नहीं निकला। अब अगली मीटिंग 19 मार्च को चंडीगढ़ में ही होगी। मीटिंग के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा- ‘बैठक अच्छे माहौल में हुई। हमने मोदी सरकार की प्राथमिकताएं किसानों के सामने रखीं। किसानों की भी बातें सुनीं। किसानों के पास अपने आंकड़े हैं और केंद्र सरकार के पास अपना डेटा है। दोनों आंकड़ों को मिलाया जाएगा।’ वहीं, मीटिंग में शिवराज सिंह चौहान, प्रह्लाद जोशी और पीयूष गोयल ने किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल से अनशन खत्म करने की अपील की। डल्लेवाल ने उनसे कहा कि जब तक सभी फसलों पर MSP की गारंटी नहीं मिलती अनशन खत्म नहीं होगा। मंत्री बोले- केंद्रीय एजेंसियां किसानों से डेटा लेंगी
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसान जत्थेबंदियों ने अपनी मांगों के समर्थन में कुछ आंकड़े सामने रखे। इन आंकड़ों के आधार पर उन्होंने अपनी मांगों को उचित ठहराया। आंकड़ों में विभिन्न फसलों की खरीद मात्रा, खरीद मूल्य और बाजार मूल्य का डेटा शामिल था। इन आंकड़ों पर विभिन्न मत सामने आए। किसान संगठनों द्वारा दिए गए आंकड़े केंद्र सरकार के आंकड़ों से मेल नहीं खा रहे थे, इसलिए मंत्रियों ने इनके स्रोत के बारे में पूछताछ की। फिर यह तय हुआ कि अगले कुछ दिनों में केंद्रीय एजेंसियां किसानों से यह डेटा लेंगी और 19 मार्च को इस पर दोबारा चर्चा होगी। पंधेर बोले- मंडीकरण पॉलिसी को रद्द करें
सरवन सिंह पंधेर ने कहा- हमारे प्रदर्शन को 374 दिन हो गए। ये छठा दौर था। 3 केंद्रीय मंत्री सामने थे। केंद्र की तरफ से जो स्कीमें चलाई जा रही हैं, वे अपने तौर पर स्पष्टीकरण देते रहे। जो किसानों का दर्द है, वे किसानों के हकों की पूर्ती नहीं करते। राज्य सरकार से मांग की है कि 24 मार्च को जो विधानसभा का सेशन बुलाया गया है, उसमें उनकी 12 मांगों पर सरकार प्रस्ताव पास करें। मंडीकरण पॉलिसी पर जो डॉक्यूमेंट्स सामने आए हैं, उन्हें रद्द किया जाए। शुभकरण को जो शहीद का दर्ज दिया जाना था, वो भी विधानसभा सत्र में दिया जाए। मुख्यमंत्री से बैठक करवाने की भी बात रखी गई है, ताकि लोकल मुद्दों को उनके सामने रखा जा सके।

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