केंद्र ने राज्य को लिखा पत्र- डीजीपी अनुराग गुप्ता 30 अप्रैल को हो जाएंगे रिटायर

विधायक सरयू राय ने सोशल मीडिया में पोस्ट कर किया दावा भारतीय पुलिस सेवा के 1990 बैच के झारखंड कैडर के अधिकारी अनुराग गुप्ता के 30 अप्रैल के बाद झारखंड के डीजीपी पद पर बने रहने पर संशय है। विधायक सरयू राय के अनुसार, केंद्र ने झारखंड सरकार को पत्र लिख कर गुप्ता को 30 अप्रैल के बाद डीजीपी के पद पर बनाए रखने के फैसले को गलत करार दिया है। राज्य सरकार से कहा है कि अनुराग गुप्ता को 30 अप्रैल को ही सेवानिवृत कराएं। अनुराग गुप्ता को झारखंड विधानसभा चुनाव के बाद 28 दिसंबर को डीजीपी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था। इसके बाद फरवरी 2025 में उन्हें नियमित डीजीपी बनाने की अधिसूचना राज्य सरकार की आेर से जारी की गई थी। उन्हें 30 अप्रैल 2025 को रिटायर होना था, लेकिन राज्य सरकार की आेर से डीजीपी बनाए जाने की वजह से उनकी सेवानिवृति की उम्र बढ़ गई। प्रावधान के अनुसार डीजीपी बनने पर संबंधित अफसर को दो साल तक पद पर रहने का अवसर मिलता है। केंद्र सरकार का पत्र ऐसे समय में आया है, जब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन विदेश दौरे पर हैं। राज्य सरकार ने अनुराग गुप्ता को पहली बार 26 जुलाई 2024 को तत्कालीन डीजीपी अजय कुमार सिंह को हटाकर प्रभारी डीजीपी बनाया था। झारखंड विधानसभा चुनाव के दौरान चुनाव आयोग ने प्रभारी डीजीपी अनुराग गुप्ता को हटाने का आदेश दिया था। इसके बाद अनुराग गुप्ता को अक्टूबर 2024 में प्रभारी डीजीपी के पद से हटा दिया गया था। इसके बाद अजय कुमार सिंह को दोबारा नियमित डीजीपी के रूप में पदस्थापित किया गया था। विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद हेमंत सरकार ने 28 नवंबर को शपथ ली। इसी दिन डीजीपी अजय कुमार सिंह को फिर पद से हटा दिया गया। अनुराग को दोबारा डीजीपी का प्रभार दे दिया गया। इस संबंध में डीजीपी गुप्ता संपर्क करने का प्रयास किया गया, पर बात नहीं हो पाई। सरकार ने बनाई नई नियमावली, जिससे हुई नियुक्ति राज्य सरकार ने जनवरी में डीजीपी की नियुक्ति के लिए नई नियमावली बनाई। हाईकोर्ट के रिटायर जज की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया। जिसमें मुख्य सचिव व गृह सचिव को भी सदस्य बनाया गया। यूपीएससी के एक प्रतिनिधि को भी रखा गया। इसी कमेटी की अनुशंसा पर फरवरी 2024 में अनुराग गुप्ता को राज्य का नियमित डीजीपी बनाया गया है। विदेश यात्रा पर गए हेमंत को केंद्र ने भेजा पत्र : सरयू जदयू विधायक सरयू राय ने पोस्ट किया है कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने डीजीपी अनुराग गुप्ता को डीजीपी बनाकर सेवा विस्तार देने के झारखंड सरकार के निर्णय को गलत करार दिया है। पत्र भेजकर सरकार से कहा है कि 30 अप्रैल 2025 को डीजीपी की सेवा समाप्त हो जाएगी। अधिकारियों ने यह पत्र विदेश यात्रा पर गए हेमंत सोरेन को भेज दिया है। केंद्र सरकार का फैसला राज्यहित में अनुचित : राजद प्रदेश राजद के महासचिव कैलाश यादव ने कहा कि अनुराग गुप्ता को डीजीपी से रिटायर करने का केंद्र का फैसला राज्यहित में अनुचित है। डीजीपी अनुराग गुप्ता ने भाजपा की सोच के खिलाफ काम किया, इसलिए प्रदेश भाजपा की अनुशंसा पर केंद्र ने कार्रवाई की है। अनुराग ने नक्सलियों पर लगाम लगाने और अफीम की अवैध खेती को नष्ट करने में कामयाबी हासिल की है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *