छतरपुर जिले के बिजावर में आम आदमी पार्टी के युवा नेता अमित भटनागर की गिरफ्तारी के विरोध में मंगलवार दोपहर से शुरू हुआ प्रदर्शन देर रात हिंसक झड़प में बदल गया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव के दौरान पथराव हुआ, जिसके बाद पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल कर भीड़ को तितर-बितर किया। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है। केन–बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित लोग कर रहे थे प्रदर्शन प्रदर्शन बिजावर तहसील कार्यालय के सामने किया जा रहा था। इसमें केन–बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों, विशेषकर बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। प्रदर्शनकारी अमित भटनागर की तत्काल रिहाई की मांग कर रहे थे। मौके पर कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और समाजवादी पार्टी के कई स्थानीय नेता भी मौजूद थे। सॉल्वेंसी की शर्त से भड़के आंदोलनकारी फिर किया चक्का जाम प्रशासन ने अमित भटनागर की गिरफ्तारी को कानून व्यवस्था बनाए रखने के तहत की गई न्यायिक प्रक्रिया बताया। रिहाई के लिए न्यायालय द्वारा 15 हजार रुपये की तीन सॉल्वेंसी प्रस्तुत करने की शर्त रखी गई, जिससे आंदोलनकारी और नाराज़ हो गए। इसके बाद उन्होंने बिजावर–मातगुवा मार्ग पर शाम करीब 3 बजे से चक्का जाम कर दिया, जो देर रात तक जारी रहा। चक्का जाम के दौरान एसडीएम, तहसीलदार और अन्य अधिकारी कुछ समय तक तहसील परिसर में ही फंसे रहे। देर रात झड़प, पुलिस पर पथराव किया देर रात करीब 1 बजे स्थिति बिगड़ गई। प्रदर्शनकारियों और पुलिस बल के बीच झड़प हो गई। पथराव की घटना के बाद पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए वॉटर कैनन का उपयोग किया। कुछ समय के लिए क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रित किया। पुनर्वास और मुआवजे को लेकर पहले से नाराज़गी जानकारी के अनुसार, केन–बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित ग्रामीण लंबे समय से पुनर्वास और मुआवजे की मांग को लेकर असंतोष जता रहे हैं। अमित भटनागर की गिरफ्तारी के बाद यह नाराज़गी और बढ़ गई। फिलहाल बिजावर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।


