केपाटन में बिजली, पानी, सड़क और मनरेगा के मुद््दे उठाए

भास्कर न्यूज | करवर विधानसभा में बुधवार को शून्यकाल के दौरान विधायक सीएल प्रेमी ने राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस में राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने मनरेगा योजना का स्वरूप बिगाड़ने, एएसआईआर, पंचायत पुनर्गठन समेत कई गंभीर मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। प्रेमी ने कहा कि केंद्र सरकार ने मनरेगा योजना को कमजोर कर गरीबों के हक पर चोट की है। पिछले दो वर्षों से ग्रामीण राजस्थान के विकास के लिए पंचायतीराज संस्थाओं को कोई राशि नहीं मिल रही, जिससे गांवों का विकास ठप पड़ा हुआ है। कृषि संबंधी योजनाओं पर उन्होंने कहा कि ईआरसीपी योजना में जिन किसानों की भूमि अवाप्त की जा रही है, उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिल रहा। इंद्रगढ़ और नैनवां तहसील के किसान मुआवजे के लिए परेशान हैं, लेकिन सरकार उनकी कोई सुनवाई नहीं कर रही। विधायक प्रेमी ने शिक्षा क्षेत्र पर भी सरकार को आड़े हाथों लिया। पिपलोदी (झालावाड़) के सरकारी स्कूल में हादसा होने के बाद भी सरकार की नींद नहीं खुली। केपाटन विधानसभा क्षेत्र के बालिथा और भैंसखेड़ा के स्कूलों की छत गिर गई। स्कूलों की मरम्मत के लिए 2-2 लाख रुपए मंजूर किए, लेकिन धरातल पर कोई कार्य नहीं हुआ। प्रदेश में सड़क, आरओबी, पुलिया और आरयूबी के लिए 5 हजार करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ, लेकिन पिछले दो वर्षों में तेज बारिश और अतिवृष्टि से केपाटन विधानसभा क्षेत्र की अधिकांश सड़कें टूटी हुई हैं और पुलिया क्षतिग्रस्त हैं। भास्कर न्यूज | करवर कस्बे में वर्ष 2008 में स्वीकृत करवर गौण मंडी अब तक शुरू नहीं होने का मामला विधानसभा में गूंजा। भूमि आवंटन में हो रही देरी के कारण मंडी का निर्माण आज तक शुरू नहीं हो सका है। इससे आसपास के किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों को जिंस की उपज का वाजिब दाम नहीं मिल पा रहा। ऐसे में वे मजबूरी में अपनी उपज कम दामों में बेचने को विवश हैं। केपाटन विधायक सीएल प्रेमी ने बुधवार को विधानसभा में तारांकित प्रश्न के माध्यम से करवर गौण मंडी का मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि करवर गौण मंडी की स्थापना अभी तक क्यों नहीं हो पाई। जबकि, कलेक्टर बूंदी द्वारा वर्ष 2025 में भूमि आवंटन के प्रस्ताव राजस्व विभाग को भेजे जा चुके थे। इसके बावजूद मंडी की स्थापना में हो रही देरी पर उन्होंने सरकार से जवाब मांगा। सरकार का जवाब : भूमि आवंटन के बाद निर्माण सरकार की ओर से विधानसभा में जवाब देते हुए बताया गया कि राज्य सरकार द्वारा ग्राम करवर में 30 अगस्त 2008 को गौण मंडी क्षेत्र की अधिसूचना जारी की गई थी। हालांकि, ग्राम करवर में गौण मंडी यार्ड की स्थापना के लिए भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण मंडी स्थापित नहीं हो सकी। सरकार ने आगे बताया कि कलेक्टर बूंदी के पत्र के संदर्भ में राजस्व विभाग ग्रुप-6 द्वारा पत्र 22 दिसंबर 2025 को नियमानुसार कीमती भूमि आवंटन की कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसके बाद एडीएम के पत्र 29 दिसंबर 2025 के माध्यम से प्रस्तावित भूमि की खसरा वार डीएलसी दर भिजवाने के लिए तहसीलदार नैनवां को निर्देशित किया है। सरकार ने स्पष्ट किया कि भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात करवर गौण मंडी में यार्ड का निर्माण करवाया जाएगा।

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