केरल का नाम अब केरलम, कैबिनेट की मंजूरी:सेवातीर्थ में पहली मीटिंग; रेल-मेट्रो और एयरपोर्ट प्रोजेक्ट्स के लिए ₹12,236 करोड़ मंजूर

पीएम नरेंद्र मोदी के नए ऑफिस सेवा तीर्थ में मंगलवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की पहली बैठक हुई। इसमें कुल 12,236 करोड़ के प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है। कैबिनेट ने मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड में तीन रेल प्रोजेक्ट समेत कुल 8 फैसले लिए हैं। बैठक में पावर सेक्टर में सुधारों पर पॉलिसी से जुड़े फैसले हुए और केरल सरकार के राज्य का नाम बदलकर केरलम करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। केरल में अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव हो सकते हैं। कैबिनेट ने तीन नए रेल प्रोजेक्ट के तहत गोंदिया-जबलपुर रेल लाइन के डबलिंग, गम्हरिया-चांडिल और पुनारख-किऊल के बीच तीसरी-चौथी रेल लाइन को मंजूरी दी है। साथ ही श्रीनगर में एक नया एयरपोर्ट टर्मिनल बनेगा और अहमदाबाद मेट्रो के फेज 2B का एक्सटेंशन होगा। प्रस्ताव केरल विधानसभा को भेजा जाएगा कैबिनेट से मंजूरी के बाद अब राष्ट्रपति ‘केरल (नाम में बदलाव) बिल, 2026’ को संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत केरल विधानसभा की राय के लिए भेजेंगे। विधानसभा की राय मिलने के बाद, सरकार संसद में बिल पेश करेगी। संसद से पास होने पर राज्य का नाम आधिकारिक रूप से केरलम हो जाएगा। केरल विधानसभा से 24 जून 2024 को प्रस्ताव पास हुआ था। इस प्रस्ताव के मुताबिक केरल का असल में मलयाली भाषा में नाम केरलम है। हिंदी और दूसरी भाषाओं में इसे केरल कहा जाता है। नाम बदलने का उद्देश्य केरल राज्य की पहचान, भाषा, संस्कृति और विकास को बढ़ावा देना है। शशि थरूर बोले- इंग्लिश में केरलवासियों को क्या कहेंगे कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने X पर लिखा कि नाम बदलना ठीक है, लेकिन अंग्रेजी बोलने वालों के लिए एक छोटा सा भाषाई सवाल है। उन्होंने पूछा कि केरलाइट और केरलन शब्दों का क्या होगा। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि केरलमाइट किसी सूक्ष्म जीव जैसा लगता है और ‘केरलमियन’ किसी खनिज जैसा। उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय को टैग करते हुए सुझाव दिया कि नए शब्द के लिए प्रतियोगिता कराई जा सकती है। पहले 2 राज्यों का नाम बदला था 13 फरवरी को PMO सेवा तीर्थ में शिफ्ट हुआ कैबिनेट की पिछली बैठक 13 फरवरी को PMO के साउथ ब्लॉक वाले ऑफिस में हुई थी। इसके बाद PMO को नए ऑफिस में शिफ्ट कर दिया गया था। प्रधानमंत्री का ऑफिस 1947 से साउथ ब्लॉक में रहा। ये इमारत करीब 78 सालों से देश की सत्ता का केंद्र रही है। सेवा तीर्थ कॉम्पलेक्स में कुल 3 इमारतें हैं- सेवा तीर्थ-1, सेवा तीर्थ-2 और सेवा तीर्थ-3। सेवा तीर्थ-1 में PMO है। सेवा तीर्थ-2 में कैबिनेट सचिवालय और सेवा तीर्थ-3 में NSCS और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का ऑफिस है। ये सभी ऑफिस पहले अलग-अलग जगहों पर थे। —————————————- ये खबर भी पढ़ें…. पश्चिम बंगाल SIR-ओडिशा-झारखंड के सिविल जज करेंगे वेरिफिकेशन में मदद, सुप्रीम कोर्ट बोला- इनका खर्च चुनाव आयोग उठाए सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया में सामने आए 80 लाख क्लेम निपटाने के लिए 2 राज्यों से सिविल जजों को तैनात करने की परमिशन दे दी है। कोर्ट ने आदेश दिया कि कलकत्ता हाईकोर्ट पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट SIR प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए झारखंड-ओडिशा के सिविल जजों की मदद ले सकता है। पूरी खबर पढ़ें…

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