बैंक खाता आधार से लिंक नहीं होने के कारण जिन महिलाओं की मंईयां योजना की राशि रोकी गई थी, उन्हें तीन माह का पैसा (7500 रु.) एकमुश्त मिलेगा। ऐसी महिलाओं की संख्या 12 लाख से अधिक है। यह फैसला मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में लिया गया। बैठक में 16 प्रस्तावों पर स्वीकृति दी गई। मंत्रिपरिषद ने बगैर आधार लिंक बैंक खातों में भुगतान करने की छूट 31 मार्च तक बढ़ाने का फैसला लिया है। सरकार ने दिसंबर 2024 तक आधार से नहीं जुड़े बैंक खातों में पैसा भेजने की छूट दी थी। उसे बढ़ाकर मार्च 2025 किया गया है। लेकिन अब आगे छूट नहीं मिलेगी। अप्रैल से बिना आधार लिंक वाले बैंक खातों में मंईयां योजना का पैसा नहीं भेजा जाएगा। मंईयां सम्मान योजना का लाभ लेने के लिए बैंक खाते को आधार से लिंक कराना ही होगा। राज्य सरकार ने दिसंबर 2024 में करीब 56 लाख महिलाओं को मंईयां योजना की राशि दी थी। लेकिन, मार्च में 38 लाख महिलाओं को ही राशि मिली। शेष 18 लाख में से करीब 12 लाख से अधिक महिलाओं का भुगतान आधार लिंक बैंक खाता नहीं होने के कारण होल्ड पर रखा गया था। अन्य आवेदनों की जांच चल रही है। कैबिनेट के अन्य अहम फैसले झाप्रसे अधिकारी साधना जयपुरियार बर्खास्त राज्य प्रशासनिक सेवा की अधिकारी साधना जयपुरियार को बर्खास्त करने का फैसला लिया गया। साधना अभी निलंबित थीं। उनपर मनरेगा योजना के तहत जेट्रोफा पौधा लगाने में गड़बड़ी का आरोप है। बैठक में बाल पहाड़ी बराज के निर्माण पर भी सैद्धांतिक सहमति दी गई। दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष प्रशिक्षित सहायक आचार्यों के 3451 पद चिन्हित किए गए। दिव्यांग बच्चों के लिए प्रारंभिक स्कूलों में इंटरस्तरीय विशेष प्रशिक्षित सहायक आचार्यों के 2399 पद और स्नातक स्तर के सहायक आचार्य के 1052 पद सहित कुल 3421 पद चिन्हित करने की स्वीकृति दी गई। वंचिंग सुविधा खत्म, 250 अफसरों का हर माह 15000 रु. घटेगा कैबिनेट ने सचिवालय सेवा व निजी सहायक सेवा के अधिकारियों की वंचिंग (वेतन निधार्रण के संकल्प) सुविधा खत्म करने का भी फैसला लिया है। यह सुविधा 15 साल से मिल रही है। छठे वेतनमान के तहत प्रशाखा पदाधिकारी या इससे ऊपर के अधिकारियों को वंचिंग वेतन की सुविधा मिल रही थी। इसमें असमानता आने पर यह फैसला लिया गया है। ऐसे में करीब 250 अफसरों को हर माह 15 हजार रुपए कम मिलेंगे। जनवरी 2016 के बाद रिटायर हुए करीब 600 से अधिक अफसरों से इस राशि का किस्तवार वसूली का फैसला लिया गया है। जेल का रखरखाव भवन निर्माण करेगा झारखंड पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन की नियमावली में संशोधन की स्वीकृति दी गई। इससे अब जेल का रखरखाव झारखंड पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन के स्थान पर भवन निर्माण निगम करेगा। पेयजल आपूर्ति का काम पेयजल विभाग करेगा।


