पॉक्सो कोर्ट बूंदी के जज बाल कृष्ण मिश्र ने कॉन्स्टेबल की हत्या के मामले में आरोपी महिला को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कॉन्स्टेबल घटना के पहले कई दिनों से लापता था। वह अपनी बेटी से मिलने ससुराल गया था। बाद में उसका शव सवाई माधोपुर जिले के बोली इलाके में मिला था। विशिष्ट लोक अभियोजक निशांत कुमार सोनी ने बताया कि बूंदी पुलिस लाइन में तैनात कॉन्स्टेबल अभिषेक की हत्या से जुड़ा मामला पांच साल पहले का है। मृतक के परिजनों ने अक्टूबर 2019 में पुलिस में शिकायत दर्ज करवाते समय बताया था कि उसका पुत्र ड्यूटी के लिए घर से निकला था घर नहीं लौटा। इस पर कोतवाली थाना पुलिस ने एमपीआर दर्ज कर जांच शुरू की थी। घटनाक्रम के अनुसार मृतक 28 अगस्त 2019 की शाम को अपने मित्र की बाइक लेकर अपने ससुराल जटवाड़ा थाना सूरवाल अपनी बेटी से मिलने गया था। जांच के दौरान अभिषेक का बैग व खून लगे कपड़े बोली थाने में बरामद हुए थे, जबकि बाइक व डेड बॉडी नहीं मिली थी। इसके चलते अभिषेक की हत्या की आशंका प्रकट की थी। इस मामले में कोतवाली पुलिस ने जांच के बाद महिला आरोपी के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र पेश किया। जहां दोनों पक्षों की सुनवाई करते हुए पॉक्सो कोर्ट क्रम संख्या 2 के जज बालकृष्ण मिश्र ने निर्णय सुनाते हुए हत्या की आरोपी महिला श्यामा शर्मा पुत्री राजेंद्र शर्मा निवासी बोली जिला सवाई माधोपुर को मृतक अभिषेक के मर्डर का आरोपी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 1 लाख 8000 रुपए के जुर्माने से दंडित किया है। इस प्रकरण में विशिष्ट लोक अभियोजक निशांत कुमार सोनी ने पैरवी करते हुए 35 गवाह और 105 दस्तावेज प्रस्तुत करवाए।


