विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने 10 दिसंबर को कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) यूजी-पीजी के आयोजन में संभावित बदलावों का ड्राफ्ट डॉक्यूमेंट जारी किया। इसके अनुसार, सीयूईटी यूजी की परीक्षा अब सीबीटी मोड में होगी, जबकि वर्ष 2024 में यह हाइब्रिड मोड में हुई थी। फैशन स्टडीज व टूरिज्म एंटरप्रेन्योरशिप से संबंधित प्रश्न नहीं पूछे जाएंगे, जबकि पिछले साल फैशन स्टडीज व टूरिज्म से संबंधित प्रश्न पूछे गए थे। सीयूईटी पीजी परीक्षा का प्रश्न-पत्र बाइलिंगुअल यानी दो-भाषाओं में होंगे। संभावित बदलावों पर राष्ट्रीय स्तर पर सभी स्टेक होल्डर्स से राय व सुझाव भी मांगे गए हैं। स्टेक होल्डर्स अपनी राय व सुझाव गूगल फॉर्म के माध्यम से 26 दिसंबर तक भेज सकेंगे। सीयूईटी यूजी में विषय चयन को लेकर 12वीं के विषयों की बाध्यता खत्म कर भविष्य में फ्लैक्सिबल करिकुलम की ओर बढ़ने का संदेश दिया है। फ्लैक्सिबिलिटी से स्पष्ट है कि 12वीं कला विषय में उत्तीर्ण विद्यार्थी भी सीयूईटी यूजी-2025 में विज्ञान से जुड़े विषयों का चयन कर सकेंगे। पढ़िए यूजीसी के सीयूईटी यूजी-पीजी परीक्षा के संभावित बदलावों के ड्राफ्ट डॉक्यूमेंट में क्या है? शिक्षाविदों व विषय विशेषज्ञों के सुझावों से विद्यार्थियों व आयोग दोनों को मिलेगा लाभ सीयूईटी यूजी परीक्षा में 5 संभावित बदलाव : 1. प्रश्न पत्र में किसी प्रकार के आंतरिक व बाह्य विकल्प नहीं होंगे। सभी प्रश्न हल करने अनिवार्य होंगे। नेगेटिव मार्किंग की जाएगी। सभी प्रश्न पत्र के लिए समय अंतराल 1 घंटे रहेगा। 2. जनरल टेस्ट को पूरी तरह परिवर्तित कर जनरल एप्टीट्यूड टेस्ट में बदला जाएगा। 3. प्रश्नपत्र 13 भाषाओं में आएंगे। सभी प्रवेश सीयूईटी यूजी की मेरिट सूची के आधार पर यूजीसी की गाइडलाइन के अनुसार किए जाएंगे। 4. परीक्षा सीबीटी मोड पर होगी, जबकि साल 2024 में हाइब्रिड मोड में हुई थी। 5. फैशन स्टडीज, टूरिज्म एंटरप्रेन्योरशिप, टीचिंग एप्टीट्यूड, लीगल स्टडीज और इंजीनियरिंग ग्राफिक्स जैसे विषयों को विषय सूची से हटाया जाएगा, जबकि साल 2024 में फैशन स्टडीज व टूरिज्म को शामिल किया गया था। सीयूईटी पीजी में संभावित बदलाव : 1. परीक्षा सीबीटी मोड पर होगी, प्रश्न-पत्र बाइलिंगुअल होंगे, यानी दो-भाषाओं में पूछे जाएंगे। 2. प्रश्न-पत्रों की समय सीमा 90 मिनट होगी। प्रश्नपत्रों में आंतरिक व बाह्य विकल्प नहीं होंगे। सभी प्रश्न अनिवार्य रूप से पूछे जाएंगे। नेगेटिव मार्किंग की जाएगी। 3. जनरल टेस्ट को पूरी तरह बदल कर स्किल बेस्ड किया जाएगा। 4. सभी प्रवेश सीयूईटी पीजी की मेरिट सूची के आधार पर व यूजीसी की गाइडलाइन के अनुसार होंगे। एजुकेशन एक्सपर्ट देव शर्मा बताते हैं कि विद्यार्थियों की समस्याओं से सीधे जुड़े शिक्षाविदों व विषय विशेषज्ञों के सुझावों से विद्यार्थियों व आयोग दोनों को ही लाभ मिलेगा। क्योंकि, साल 2023 व साल 2024 में सीयूईटी यूजी एग्जाम में कई निर्णय अव्यावहारिक लिए गए थे। इसका नतीजा यह हुआ कि वर्ष-2023 व 2024 में कई विषयों के प्रश्न-पत्र समय पर अपलोड नहीं हो पाए। कुछ अपलोड हुए तो ठीक से डिस्प्ले नहीं हो सके, क्योंकि स्थानीय भाषाओं के शब्दों से संबंधित कई तकनीकी परेशानियां सामने आई थीं। ऐसे में कई सब्जेक्ट की परीक्षा को रद्द कर री-शेड्यूल करना पड़ा था। फैशन स्टडीज व टूरिज्म जैसे विषयों को वर्ष-2024 में बिना किसी डाटा एनालिसिस के शामिल किया गया, जिन्हें अब हटाने की सिफारिश की गई है।


