छत्तीसगढ़ के जनकपुर नगर पंचायत में एक नई मिसाल कायम हुई है। नीलेश मिश्रा ने नगर पंचायत के पहले युवा उपाध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाला है। नीलेश ने 2020 में इंदौर की मल्टीनेशनल कंपनी की नौकरी छोड़ दी। उन्होंने जनसेवा के लिए राजनीति का रास्ता चुना। इस फैसले में उनके चाचा दुर्गाशंकर मिश्रा की बड़ी भूमिका रही। दुर्गाशंकर भरतपुर जनपद के दो बार उपाध्यक्ष रह चुके हैं। कोयंबटूर की कंपनी में की मार्केटिंग की जॉब नीलेश की शिक्षा बिलासपुर के सीएमडी कॉलेज से शुरू हुई। उन्होंने 2005 में बीकॉम किया। फिर दिल्ली के इंटरनेशनल स्कूल ऑफ लैंग्वेज से पढ़ाई की। इंदौर से एमबीए की डिग्री हासिल की। कोयंबटूर की टेक्समो इंडस्ट्रीज में 14 साल तक मार्केटिंग में काम किया। भाजपा के टिकट पर नीलेश ने वार्ड 13 से पार्षद का चुनाव लड़ा। उन्होंने 127 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। कांग्रेस के प्रत्याशी को महज 20 वोट मिले। समाज सेवा और धार्मिक कार्यों में उनकी सक्रिय भागीदारी ने उन्हें लोकप्रिय बनाया। इसी के चलते पार्टी ने उन्हें उपाध्यक्ष पद का प्रत्याशी बनाया। वे निर्विरोध चुने गए।


