भास्कर संवाददाता | दौसा एसआई व अन्य भर्ती पेपर लीक मामले में रिमांड पर चल रहे शिक्षक लोकेश शर्मा से एसओजी पूछताछ कर रही है। एसओजी के सूत्रों के अनुसार जुलाई में गिरफ्तार किया गया रिंकू शर्मा बेरोजगार था। रिंकू की नौकरी नहीं लगी, तो वह हर्षवर्धन मीणा के संपर्क में आया और अभ्यर्थियों को ले जाकर मिलवाने लगा। जबकि, लोकेश शर्मा पहले कोचिंग में पढ़ाता था। रिंकू शर्मा भी कोचिंग में लोकेश शर्मा से पढ़ा हुआ है। इससे लोकेश शर्मा भी रिंकू शर्मा के संपर्क में आ गया और अभ्यर्थियों को रिंकू शर्मा से मिलाने लगा। टोरड़ा हाल लवकुश नगर निवासी रिंकू शर्मा पहले करीब दस साल तक दौसा में किराए के मकान में रहा और साधारण जीवन जीता था। वह बेरोजगार होने से पटवारी हर्षवर्धन मीणा के संपर्क में आ गया। इसके बाद हर्षवर्धन का रिंकू विश्वास पात्र बन गया। वह अभ्यर्थियों को हर्षवर्धन से मिलाने लगा। रिंकू शर्मा ने करीब पांच साल पहले दौसा में आलीशान मकान बना लिया और लोगों को ब्याज पर पैसे देने लगा। उसका भाई भी करीब दो साल पहले लाइब्रेरियन पद पर नौकरी लगा है। रिंकू शर्मा के पिता गांव में रहते हैं और खेतीबाड़ी करते हैं। हर्षवर्धन मीणा का आगरा रोड पर गोविंददेव मंदिर के सामने मकान है। गौरतलब है कि एसओजी ने पटवारी हर्षवर्धन के साथी आरोपी रिंकू शर्मा को जुलाई में गिरफ्तार किया था। पूछताछ में लोकेश शर्मा निवासी आगरा रोड डेयरी के सामने दौसा का नाम सामने आया। इस पर एसओजी की टीम शुक्रवार को दौसा पहुंची थी और महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम राजकीय विद्यालय छतरी वाली ढाणी के शिक्षक लोकेश शर्मा को गिरफ्तार कर जयपुर ले गई थी। लोकेश शर्मा 17 दिसंबर तक रिमांड पर है।


