कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता: प्राचार्य तंवर

भास्कर न्यूज | मुंगेली राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत किताबी ज्ञान को व्यावहारिक कौशल से जोड़ने के लिए पीएम श्री एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय बंधवा में एक अनूठी पहल की गई। पीएम श्री योजना के अंतर्गत आयोजित पूर्व-व्यावसायिक शिक्षा कार्यशाला में कक्षा 6वीं से 8वीं तक के जनजातीय विद्यार्थियों ने मिट्टी शिल्प, काष्ठ कला और सिलाई जैसे पारंपरिक व्यवसायों के गुर सीखे। कार्यशाला को तीन मुख्य सत्रों में बांटा गया था, जहां स्थानीय कारीगरों ने बच्चों के बीच पहुंचकर उन्हें प्रशिक्षित किया। कुंभकार राजकुमार ने बच्चों को चाक पर मिट्टी के बर्तन बनाना सिखाया। नन्हे हाथों ने खुद दीपक और गुल्लक बनाकर अपनी रचनात्मकता का परिचय दिया। कुशल बढ़ई भुजबल यादव ने लकड़ी के औजारों और ग्राइंडिंग मशीन के सुरक्षित उपयोग की जानकारी दी। बच्चों ने लकड़ी को आकार देने और उसे छीलने की तकनीक को करीब से समझा। दर्जी भानु प्रताप ने सिलाई मशीन चलाने और कपड़े की कटाई की बुनियादी बारीकियां सिखाईं, जिससे बच्चों में आत्मनिर्भरता का भाव जगा। कार्यशाला के समापन पर प्राचार्य जितेन्द्र सिंह तंवर ने कहा कि कोई भी कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता। उन्होंने बच्चों को प्रेरित किया कि वे स्थानीय कारीगरों और उनके श्रम का सदैव सम्मान करें।

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