उत्तराखंड के कोटद्वार में दुकान के नाम को लेकर हुए विवाद और जिम ट्रेनर दीपक कुमार के खिलाफ दर्ज FIR के बाद अब भोपाल में भी समर्थन की आवाज तेज हो गई है। ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के संरक्षक शमशुल हसन ने दीपक के समर्थन में खुलकर बयान देते हुए कहा कि दीपक ने एक गरीब मुस्लिम दुकानदार के साथ खड़े होकर इंसानियत और गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश की है। शमशुल हसन ने कहा कि सोशल मीडिया पर आज पूरे देश में “एक दीपक” नजर आ रहा है, जिसने नफरत के माहौल में इंसानियत की लौ जलाई है। उन्होंने कहा, जिस तरह से दीपक ने बजरंग दल और हिंदू संगठनों के दबाव के सामने एक गरीब मुस्लिम दुकानदार का पक्ष लिया, उसने समाज में खून की गर्मी पैदा कर दी है, लेकिन आज स्थिति यह है कि दीपक के खिलाफ नामजद मामला दर्ज कर दिया गया, जबकि जो लोग खुले तौर पर नजर आ रहे हैं, उनके खिलाफ उत्तराखंड प्रशासन आंखें बंद किए बैठा है। नामजद कार्रवाई पर सवाल, प्रशासन की भूमिका पर प्रश्न
शमशुल हसन ने कहा कि यह बेहद चिंताजनक है कि जिन लोगों के वीडियो सामने आए, जो धमकी देते दिखे, उनके खिलाफ अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वहीं दीपक जैसे व्यक्ति पर मुकदमा दर्ज होना न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक व्यक्ति का मामला नहीं, बल्कि देश की साझा संस्कृति और संवैधानिक मूल्यों का सवाल है। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से सुरक्षा की मांग
ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी की ओर से दीपक को समर्थन देते हुए केंद्र सरकार से उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है। शमशुल हसन ने कहा कि हम देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से मांग करते हैं कि दीपक की सुरक्षा पर गंभीरता से ध्यान दिया जाए। हम उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखेंगे। यह किसी धर्म का नहीं, इंसानियत का मामला है। उन्होंने यह भी कहा कि देशभर के उलेमा, सामाजिक और राजनीतिक संगठनों को दीपक के समर्थन में सामने आना चाहिए, ताकि समाज में नफरत के खिलाफ एक मजबूत संदेश जाए। भोपाल से संदेश: दीपक आएंगे तो होगा स्वागत
भोपाल को लेकर शमशुल हसन ने साफ कहा कि अगर दीपक मध्य प्रदेश आते हैं, तो मुस्लिम समाज उनका स्वागत करेगा। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में जब भी दीपक का आना होगा, हम उनका खुले दिल से स्वागत करेंगे। यह समर्थन किसी टकराव के लिए नहीं, बल्कि भाईचारे और इंसानियत के लिए है। सोशल मीडिया से सड़क तक फैल रहा समर्थन
कोटद्वार की घटना के बाद दीपक के समर्थन में सोशल मीडिया पर लगातार पोस्ट, वीडियो और बयान सामने आ रहे हैं। भोपाल में मुस्लिम संगठनों का यह बयान संकेत देता है कि मामला अब सिर्फ उत्तराखंड तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देशव्यापी बहस का रूप ले चुका है।
राहुल गांधी बोले- उत्तराखंड के दीपक भारत के हीरो
एक पहले राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा- उत्तराखंड के दीपक भारत के हीरो हैं, वो संविधान और इंसानियत से लड़ रहे हैं। अपने पोस्ट में उन्होंने BJP और संघ परिवार पर नफरत फैलाने और डर के सहारे राजनीति करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने लिखा- उत्तराखंड की BJP सरकार खुलेआम उन असामाजिक ताकतों का साथ दे रही है जो आम नागरिकों को डराने और परेशान करने में लगी है। इसके साथ ही उन्होने लिखा- हम तुम्हारे साथ हैं भाई, तुम बब्बर शेर हो। पूरा विवाद 28 जनवरी को हुआ था जब कुछ हिंदू संगठनों ने मुस्लिम युवक कि दुकान के नाम पर आपत्ती जताई थी। मुस्लिम युवक ने अपनी दुकान का नाम ‘बाबा ड्रेस’ रखा था जिसपर हिंदू संगठनों के लोगों को आपत्ती थी, इस पूरे विवाद में दीपक मुस्लिम युवक के पक्ष में दिख रहा था। इस दौरान उसने अपना नाम मोहम्मद दीपक बताया था जबकि उसका असली नाम दीपक कुमार है।
सिलसिलेवार तरीके से जानिए क्या था पूरा मामला… 26 जनवरी- दुकान के नाम से शुरू हुआ विवाद
पूरा मामला 26 जनवरी को पटेल मार्ग स्थित एक कपड़ों की दुकान ‘बाबा स्कूल ड्रेस एंड मैचिंग सेंटर’ को लेकर विवाद शुरू हुआ। दुकान के मालिक 70 वर्षीय मुस्लिम दुकानदार वकील अहमद हैं, जो करीब 30 साल से यह दुकान चला रहे हैं। 26 जनवरी को तीन-चार युवक दुकान पर पहुंचे और खुद को बजरंग दल का सदस्य बताया। उन्होंने अहमद से कहा कि दुकान के नाम से ‘बाबा’ शब्द हटाना होगा। उनका कहना था कि ‘बाबा’ शब्द हिंदू धार्मिक पहचान से जुड़ा है और इसका इस्तेमाल मुसलमान नहीं कर सकते। आरोप है कि अहमद को धमकाया गया और चेतावनी दी गई कि अगर नाम नहीं बदला गया तो अंजाम अच्छा नहीं होगा।
विवाद के बीच दीपक की एंट्री, भीड़ से किया सवाल
26 जनवरी को ही दीपक कुमार अपने दोस्त की दुकान पर मौजूद थे। वह बगल में ही एक जिम का संचालन करते हैं। उन्होंने देखा कि भीड़ अहमद को धमका रही है। सामने आए वीडियो में दीपक भीड़ का सामना करते हुए सवाल करते दिखे कि अगर दूसरे लोग ‘बाबा’ नाम इस्तेमाल कर सकते हैं, तो अहमद क्यों नहीं। वीडियो में दीपक कहते दिखते हैं कि दुकान 30 साल पुरानी है और क्या अब नाम बदलना होगा। जब ग्रुप के एक व्यक्ति ने दीपक से पहचान पूछी, तो उन्होंने जवाब दिया- “मेरा नाम मोहम्मद दीपक है।” बाद में दीपक ने बताया कि यह वाक्य उन्होंने हिंदू और मुस्लिम पहचान को जोड़कर भारत के अपने विचार को सामने रखने के लिए कहा था।
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उत्तराखंड के कोटद्वार में रहने वाले जिम ट्रेनर दीपक कुमार बीते एक हफ्ते से खौफ में जी रहे हैं। दीपक का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे एक बुजुर्ग दुकानदार के लिए बजरंग दल के कार्यकर्ताओं से भिड़ गए थे। ये वीडियो 26 जनवरी का है। बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने नाम पूछा, तो दीपक ने नाम बताया- मोहम्मद दीपक। इसके बाद दीपक के जिम के बाहर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। वीडियो बनाकर दीपक को धमकी दी गई। इसके वीडियो भी सामने आए हैं। पढ़ें पूरी खबर


