कोटपूतली और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में फरवरी के अंतिम दिनों में सरसों की कटाई जारी है। इसी बीच, आसमान में बादल छाने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। बारिश होने की आशंका से खेतों में कटी हुई सरसों की फसल को नुकसान पहुंचने का डर है। बादलों के कारण दिनभर धूप-छांव का सिलसिला चला और हल्की ठंडक महसूस की गई। क्षेत्र के किसान अपनी कटी हुई सरसों की थ्रेशिंग कराने में जुटे हैं। कुछ किसान अभी भी फसल काट रहे हैं, जबकि अन्य कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि मौसम साफ रहता है, तो अगले दो सप्ताह में सरसों की पूरी फसल निकालकर सुरक्षित कर ली जाएगी। फसल को जल्द से जल्द सुरक्षित करने के लिए कई किसान रात में भी सरसों की थ्रेशिंग करवा रहे हैं। हालांकि, कुछ फसलें अभी पकने में समय लेंगी। कोटपूतली बहरोड़ के कृषि उप निदेशक डॉ. रामजी लाल यादव ने बताया कि क्षेत्र में अगेती सरसों की फसल कटाई के लिए तैयार है। ऐसे में बारिश होने पर सरसों की फसल को भारी नुकसान हो सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि फरवरी का महीना गेहूं की फसल के लिए भी संवेदनशील होता है, क्योंकि इस समय दानों में भरने की प्रक्रिया शुरू होती है। अगेती गेहूं की फसल लगभग तैयार हो चुकी है और उसमें बालियां निकल आई हैं। यदि बारिश हुई, तो गेहूं और सरसों दोनों फसलें खेतों में बिछ सकती हैं, जिससे किसानों को बड़ा आर्थिक नुकसान होगा।


