कोटपूतली क्षेत्र में होली पर्व की तैयारियां परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ शुरू हो गई हैं। शुभ मुहूर्त में विधि-विधान से होली का डांडा रोपा गया, जिसके साथ ही पूरे गांव में उत्साह और उमंग की लहर दौड़ गई। डांडा रोपण के दौरान पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर चारों ओर फाग गीतों की गूंज सुनाई दी और ग्रामीणों ने एक-दूसरे को होली की अग्रिम शुभकामनाएं दीं। रंगोत्सव की तैयारियां हो जाती है शुरू ग्रामीणों के अनुसार, होली का डांडा रोपना बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। इसके साथ ही होलिका दहन और रंगोत्सव की परंपरागत तैयारियां विधिवत रूप से आरंभ हो जाती हैं। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है, जो समाज में भाईचारे, एकता और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करती है। कार्यक्रम के दौरान सुरेश कुमार शर्मा ने गणेश पूजन के साथ भक्त प्रहलाद के रूप में ढांडे की विधिवत पूजा की। गांव के बुजुर्गों ने धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए नई पीढ़ी को परंपराओं से जुड़े रहने का संदेश दिया। युवा वर्ग में भी विशेष उत्साह देखने को मिला, जिन्होंने पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और आपसी भाईचारे के साथ मनाने का संकल्प लिया। ये रहे मौजूद डांडा रोपण कार्यक्रम में गांव के भवानी सिंह शेखावत, प्रभु दयाल राठी, कालू राठी, डॉ. एस.के. वेदा, चंद्रमोहन सैन, परमानंद पटेल, नरेंद्र गौड़, सांवरलाल बोहरा, प्रहलाद सैन, मदन लाल लखेरा, देवकीनन्दन शर्मा और धर्मेद्र बटवाल सहित कई गणमान्य नागरिक व समाजसेवी उपस्थित रहे।


