बूंदी के देईखेड़ा क्षेत्र में चम्बल नहर के किनारे गुहाटा पंचायत मुख्यालय से कोटाखुर्द गांव को जोड़ने वाली मिसिंग लिंक सड़क का निर्माण कार्य पिछले तीन महीने से अधूरा पड़ा है। ठेकेदार ने इस कार्य को बीच में ही छोड़ दिया है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण भेरू लाल मीणा और राजेन्द्र मीणा ने बताया कि ठेकेदार ने करीब तीन महीने पहले सड़क के अधूरे एक किलोमीटर के हिस्से का निर्माण शुरू किया था। हालांकि, उसने सिर्फ सड़क को समतल करके उस पर गिट्टी बिछा दी और काम अधूरा छोड़ दिया। इसके कारण आए दिन बाइक सवार गिरकर चोटिल हो रहे हैं। ग्रामीण रामहेत मीणा और बाबूलाल सुमन के अनुसार, दिनभर धूल और मिट्टी उड़ने से वाहन सवारों को भी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने जल्द से जल्द सड़क का निर्माण पूरा करने की मांग की है। यह सड़क क्षेत्र के खाकता, माखिदा, बगली, बहड़ावाली और गुहाटा जैसे गांवों को मेगा हाईवे से जोड़ने के लिए बनाई जानी थी। हालांकि, बजट के अभाव में करीब एक किलोमीटर का हिस्सा अधूरा रह गया था। बाद में, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के निर्देश पर इस मिसिंग लिंक के लिए बजट स्वीकृत किया गया। इसके बाद ठेकेदार ने काम शुरू तो किया, लेकिन उसे फिर से अधूरा छोड़ दिया है, जिससे स्थानीय लोग परेशान हैं। इस संबंध में, लाखेरी ग्रामीण के कनिष्ठ अभियंता हरिकेष मीणा ने बताया कि ठेकेदार ने कार्य शुरू कर दिया था, लेकिन उसके पास अन्य सड़क निर्माण का भी काम था। उन्होंने आश्वासन दिया कि डामरीकरण के लिए प्लांट अब शुरू कर दिया गया है और जल्द ही सड़क का निर्माण कार्य पूरा करवा दिया जाएगा।


