शहर के एक सर्राफा व्यवसायी ने प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में 10 हजार चांदी के सिक्के दान किए हैं। यह चांदी के सिक्के उन लोगों को दिए गए जो कि महाकुंभ में अपनी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। महाकुंभ में वहां पुलिस कर्मियों, आर्मी के जवानों, बीएसएफ के जवानों, सीआईएफ के जवानों, सफाई कर्मियों, फायर ब्रिगेड के जवानों, मजदूरों और देश के अलग-अलग राज्यों से आए साधु संतों को वल्लभ और उनके साथियों ने चांदी के सिक्के भेंट किए। 1 से 10 ग्राम के सिक्के बनवाए वल्लभम सर्राफा के डायरेक्टर (स्टार्टअप 925 सिल्लर के फाउंडर) वल्लभ मित्तल ने बताया कि हम 5 लोग कोटा से बुधवार के दिन प्रयागराज महाकुंभ स्नान करने गए थे। कोटा से जाने से पहले मन में ख्याल आया क्यों ना महाकुंभ में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सेवाएं दे रहे लोगों के लिए कुछ अलग किया जाए ताकि उनके चेहरे पर खुशी आ सके। सर्राफा का हमारा व्यापार था उसी को देखते हुए हमने चांदी के 1 ग्राम 2 ग्राम 5 ग्राम 10 ग्राम के 10 हजार सिक्के बनवाए। महाकुंभ में हम पांचों लोगों की टीम उन लोगों को चयनित करती जो अपनी सेवाएं कुंभ में दे रहे हैं। जिनमें पुलिस,आर्मी, साधु संत, सफाई कर्मी, फायरमैन, मजदूर वर्ग के लोग खेल दिखाने वाले बच्चो को चांदी के सिक्के दिए। मजदूरों को भी बांटे वल्लभ मित्तल न बताया कि हमारी टीम पूरा दिन अलग-अलग लोगों को मिलते चांदी के सिक्के भेंट करते। नेत्रहीन सूरदास महाराज की टोली को चांदी के सिक्के दिए। वहां मौजूद गरीब मजदूर महिलाओं ने कहा कि हमें पहली बार किसी ने चांदी का सिक्का दिया है। इन सभी लोगों को जब भी हमने चांदी का सिक्का भेंट किया तो सभी के चेहरे पर एक अलग ही खुशी झलकती थी उसे शब्दों मे बयान नहीं किया जा सकता था। महाकुंभ में यह लोग 24 घंटे वहां पर काम कर रहे हैं ज्यादा काम करते आदमी तनाव में भी आ जाता है। लेकिन गिफ्ट देते समय एक समय के लिए उनका तनाव दूर हो जाया करता था। कई लोग भंडारा कर रहे हैं। खाना खिला रहे हैं। पानी पिला रहे हैं। हमने चांदी के सिक्के भेंट किए। 4 दिनों तक हमने महाकुंभ में चांदी के सिक्के भेंट किया और रविवार को कोटा आ गए।


