कोटा मे वाहन फिटनेस जांच बंद होने के विरोध में कोटा ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन व बस ऑपरेटर्स ने प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारीयों ने करीब 2 घंटे तक RTO ऑफिस में धरने पर बैठे रहे। पदाधिकारीयों का कहना था जब वाहन मालिक कोटा में कर चुकता करता है, तो फिटनेस जांच के लिए दूसरी जगह क्यों जाए? पदाधिकारी ने कोटा परिवहन विभाग में मैनुअल तरीके से फिटनेस जांच शुरू करने की मांग की। ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन से जुड़े जगदीश जिंदल ने कहा गाड़ियों की फिटनेस जांच के लिए इन दिनों काफी परेशानी हो रही है। कोटा में कई बसें व ट्रक फिटनेस जांच के अभाव में खडे हो गए। गाड़ी मालिकों का धंधा चौपट हो रहा है। जब गाड़ी मालिक कोटा में टैक्स व कर चुकता देते हैं, तो फिटनेस करवाने दूसरी जगह क्यों जाएं? दूसरी जगह आने जाने से (पेट्रोल डीजल व टोल) करीब 3 से 5 हजार का आर्थिक भार पड़ रहा है। साथ ही समय भी खर्च हो रहा है, टोल देना पड़ रहा है। इस कारण उनके आर्थिक नुकसान हो रहा है। हमारे टैक्स भरने की वजह से ही सरकार व विभाग का कामकाज होता है। जब तक नियम अनुसार केंद्र चालू नहीं होता। तब तक परिवहन विभाग को कोटा में फिटनेस जांच की वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ेगी। आज हमने दोपहर साढ़े तीन से साढ़े पांच बजे तक (सांकेतिक रूप से 2 घंटे) धरना दिया है। यदि हमारी मांग का निस्तारण नहीं हुआ, तो आगे आंदोलन किया जाएगा।


