कोटा में बिल्डिंग मालिक खुद तुडवाएंगे अवैध निर्माण:दुकानों को खाली करने का काम शुरू, निगम की तरफ से सिर्फ अतिक्रमण हटाए जा रहे

कोटा के इंद्र विहार इलाके में तीन मंजिला रेस्टोरेंट बिल्डिंग ढहने के बाद नगर निगम ने आसपास की पांच अवैध इमारतों के मालिकों को नोटिस जारी किए थे। इनमें अवैध मंजिलों को खाली करने और निर्माण हटाने के सख्त निर्देश दिए गए। निगम ने दो दिन का अल्टीमेटम दिया था, जो सोमवार को खत्म हो गया, हालांकि अभी तक निगम की तरफ से इन बिल्डिंग मालिकों या बिल्डिंगों पर कोई एक्शन नहीं हुआ। इस बीच, बिल्डिंग मालिकों ने खुद ही अवैध निर्माण हटाने का काम शुरू कर दिया है। आज आसपास की इमारतों में चल रही दुकानों को खाली करवाया जा रहा है। शनिवार रात हुए हादसे वाली इमारत के नजदीक प्लॉट नंबर एस-5, एस-6, एस-65, एस-67 और एस-68 में अवैध निर्माण पाए गए हैं। खासतौर पर एस-68 की इमारत को असुरक्षित घोषित किया गया है। इन सभी प्लॉट मालिकों को तुरंत इमारत खाली करने और दो दिनों में अवैध हिस्से हटाने का नोटिस मिला था। भास्कर टीम जब मौके पर पहुंची, तो दुकानदार खुद अपनी दुकानें खाली करते नजर आए। इमारतों के बाहर लगे टीनशेड और अतिक्रमण को भी हटाया जा रहा है। ढही इमारत के ठीक बगल वाली बिल्डिंग में दूसरी मंजिल पर सैलून चलाने वाले शहजाद ने बताया कि यह जानकीलाल मालव की बिल्डिंग है। अब मालिक ने दुकानें खाली करवाने शुरू कर दिए हैं। ठेकेदार से बात हो गई है, और ऊपरी दो मंजिलों के अवैध निर्माण लेबर लगाकर हाथों से ही हटवाया जाएगा, क्योंकि पहले भी हादसा मशीनों के इस्तेमाल करने की वजह से हुआ था। इसी तरह आस पास के भवन भी खाली कर दिए है। इसके पास ही स्थित भवन के मालिक नितिन मेवाडा ने बताया कि उनके यहां बाहर टीनशेड के अतिक्रमण को हटाने का नोटिस आया था, जिसे हटा दिया गया है। अतिक्रमण हटाने में लगी निगम की टीमें
हादसे के बाद नगर निगम की टीमें अतिक्रमण हटाने में जुट गई हैं। अलग-अलग टीमों ने शहर में कच्चे-पक्के अतिक्रमणों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। खासकर हादसे वाले इलाके में दुकानदारों के अतिक्रमण को हटाया जा रहा है। वहीं, अग्निशमन विभाग ने भी अलग-अलग टीमें गठित की हैं, जो इमारतों, होटलों, हॉस्टलों और रेस्टोरेंट्स में फायर सेफ्टी की जांच कर रही हैं। अग्निशमन अधिकारी राकेश व्यास ने बताया कि शहर के रिहायशी और व्यावसायिक भवनों, मॉल्स, वेज-नॉनवेज रेस्टोरेंट्स समेत उन सभी जगहों का निरीक्षण किया जा रहा है, जहां आग लगने से जान-माल का खतरा है। अगर नियमों की अनदेखी मिली, तो संबंधित जगहों को सील कर दिया जाएगा।

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