कोडरमा में हाथियों का कहर, तीन दिनों से डेरा:रात में गांव में बोलते हैं धावा, आलू की फसल और घर के बाहर रखा धान बर्बाद

कोडरमा जिले के सतगांवां प्रखंड में हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है। मीरगंज पंचायत के डांटी भागलपुर गांव में बीती रात हाथियों के एक झुंड ने जमकर तबाही मचाई। ग्रामीणों के अनुसार हाथियों का यह झुंड पिछले तीन दिनों से इलाके में घूम रहा है। लगातार नुकसान पहुंचा रहा है। रात के अंधेरे में गांव में घुसे हाथियों ने सबसे पहले खलिहानों को निशाना बनाया और वहां रखी बिचाली और धान को रौंद डाला। अचानक हुई इस घटना से गांव में अफरातफरी मच गई और लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए। आलू की फसल और घर के बाहर रखा धान बर्बाद हाथियों के उत्पात से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। गांगो मांझी और नरेश मांझी के खेतों में लगी आलू की फसल को हाथियों ने पूरी तरह नष्ट कर दिया। इसके अलावा कौशल्या देवी और छोटन राम के घर के बाहर रखे धान को भी हाथियों ने बर्बाद कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि मेहनत से उगाई गई फसल और सालभर का अनाज कुछ ही देर में खत्म हो गया। नुकसान से आहत ग्रामीण प्रशासन से मुआवजे की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते हाथियों को नहीं खदेड़ा गया, तो नुकसान और बढ़ सकता है। डर के साये में रात गुजार रहे ग्रामीण हाथियों के लगातार गांव में घूमने से ग्रामीणों में जबरदस्त दहशत है। लोग रात में अपने घरों में सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। कई ग्रामीणों ने बताया कि वे हाथियों से बचने के लिए घरों के बाहर आग जलाकर पहरा दे रहे हैं। कुछ परिवार बच्चों और बुजुर्गों को लेकर सुरक्षित स्थानों पर जाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से जल्द से जल्द ठोस कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि हाथियों की मौजूदगी से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है और खेती-किसानी के साथ-साथ जान का खतरा भी बना हुआ है। हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ने का दावा वन विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया है। वन क्षेत्र के रेंजर रविन्द्र कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही वन कर्मियों को मौके पर भेजा गया है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि हाथियों के झुंड को गांव से दूर जंगलों की ओर खदेड़ने की कार्रवाई की जाएगी। रेंजर ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे हाथियों को परेशान न करें और उनसे सुरक्षित दूरी बनाए रखें। वन विभाग का कहना है कि हाथियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि ग्रामीणों को किसी प्रकार की जनहानि न हो और हालात जल्द सामान्य हो सकें।

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