कोतमा क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था बदहाल, खराब लिफ्टर से जनता परेशान
कोतमा। महारत्न कंपनी कोल इंडिया की सह कंपनी एस ई सी एल जमुना कोतमा क्षेत्र को पलीता लगाता जमुना कोतमा क्षेत्र का प्रबंधन नगर पालिका के रहमो-करम पर संचालित विद्युत व्यवस्था बन गया है। श्रमिक नेता ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि महारत्न कंपनी की शाखा को क्षेत्र का प्रबंधन मटिया मेट करने में तैनात किया गया है, परंतु व्यवस्था पूरी तरह से सवालों के घेरे में है। विकास ग्राम के आलम में क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। जमुना वर्कशॉप में कंपनी का लिफ्टर बीते 8 माह से खराब पड़ा है। यदि कहीं भी क्षेत्र में बिजली का ब्रेकडाउन होता है, तो जनचैकसी का कार्य करने के लिए नगर पालिका के दरवाजे खटखटाने पड़ते हैं, क्योंकि कंपनी का लिफ्टर अनुपलब्ध है। नगरपालिका का भी अपना काम होता है, जिस कारण फुरसत मिलने पर ही लिफ्टर 4 से 6 घंटे बाद मिलता है और तब तक कंपनी का सारा कार्य बाधित रहता है। श्रमिक नेता ने गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि क्षेत्र में सक्रिय कुछ प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों ने सिर्फ महा रत्न कंपनी को ही नहीं बल्कि समूचे क्षेत्र के मुख्य महाप्रबंधक को भी बदनाम कर दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे निकम्मे अधिकारियों को लज्जा से पानी में डूब मरना चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि 30 मई को एक पैनल ब्लॉक करने हेतु डॉक्टर कॉलोनी में सुबह 9.30 बजे से कार्य शुरू होना था, परंतु लिफ्टर के अभाव में दोपहर 2 बजे तक भी काम शुरू नहीं हो पाया। श्रमिकों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 7 दिवस के भीतर लिफ्टर को ठीक नहीं कराया गया, तो मजदूर यूनियन महाप्रबंधक को घेरने हेतु मजबूर होंगे, जिसकी समस्त जवाबदारी संबंधित विभाग की होगी।


