कोयला घोटाला केस में ईओडब्ल्यू ने लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी नारायण साहू को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में पता चला कि, वो आरोपी सूर्यकांत तिवारी का करीबी सहयोगी रहा है। केस में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। कोयला लेवी की राशि के कलेक्शन और पैसों के ट्रांसफर का भी काम करता था। ईओडब्ल्यू के अनुसार, जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि, सूर्यकांत तिवारी की तरफ से नारायण साहू के नाम पर कई संपत्तियां खरीदी गई थी। आरोपी पिछले करीब ढाई साल से फरार चल रहा था।एजेंसी की पूछताछ से लगातार बचने की कोशिश कर रहा था। इस मामले में पहले ही न्यायालय ने आरोपी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया था। पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय की अनुमति से उसे पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। रिमांड अवधि के दौरान कोयला लेवी की राशि के कलेक्शन, पैसों के ट्रांजेक्शन और उसके नाम पर खरीदी गई संपत्तियों के संबंध में पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के दौरान ठोस सबूत मिलने की संभावना है।


