छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में होली का त्योहार पूरे देश से एक सप्ताह पहले मनाया गया। सोनहत विकासखंड के बसवाही गांव में ग्रामीणों ने रंग-गुलाल के साथ होली खेली। यह परंपरा जिले के तीन गांवों में निभाई जाती है, जिनमें तंजरा और बैकुंठपुर विकासखंड का अमरपुर गांव भी शामिल हैं। बसवाही गांव में यह परंपरा कई वर्षों से चली आ रही है। ग्रामीण कैलेंडर की निर्धारित तिथि से एक सप्ताह पहले ही होली मनाते हैं। उनका मानना है कि यह पूर्वजों से मिली विरासत है और इसे निभाना गांव की सामूहिक जिम्मेदारी है। ये है समय से पहले होली मनाने की वजह ग्रामीणों के अनुसार, यदि इस परंपरा का पालन नहीं किया जाता है, तो गांव में विपत्ति आने का भय रहता है और ग्राम देवता नाराज हो सकते हैं। इसी आस्था और विश्वास के कारण हर वर्ष पूरा गांव एकजुट होकर समय से पहले होली का पर्व मनाता है। रंग-गुलाल के साथ होली खेली बसवाही गांव में परंपरा के अनुसार पहले सम्मत जलाया गया और दूसरे दिन ग्रामीणों ने रंग-गुलाल के साथ जमकर होली खेली। इस दौरान बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी उत्साह के साथ शामिल हुए। पूरा गांव रंगों में सराबोर नजर आया। फाग गीतों की गूंज, मांदर की थाप और नाच-गान ने माहौल को उत्सवमय बना दिया। इस अनोखी परंपरा के कारण बसवाही गांव क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का मानना है कि परंपरा और संस्कृति ही गांव की पहचान है, जिसे संजोकर रखना हर पीढ़ी का कर्तव्य है। वहीं, बैकुंठपुर विकासखंड के अमरपुर में गुरुवार को होली मनाई जाएगी, जिसके बाद तंजरा गांव में यह त्योहार मनाया जाएगा।


