भास्कर न्यूज | पटना छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ के आदेशानुसार 25 फरवरी को जिला कोरिया साहू संघ के अध्यक्ष पद का चुनाव कराया जाएगा। यह जानकारी पूर्व कोरिया जिला अध्यक्ष साहू समाज मधु सूदन प्रसाद साहू ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश साहू संघ के अध्यक्ष डॉ. नीरेंद्र साहू हैं, जिनके द्वारा पत्र क्रमांक 186 दिनांक 31 जनवरी को अपने पद की कानूनी वैधता से संबंधित आदेश पारित किया है। प्रदेश साहू संघ को कोरिया जिला साहू समाज की निर्वाचन प्रक्रिया 2026 को लेकर आपत्ति आवेदन पत्र क्रमांक 165 दिनांक 17 जनवरी को प्राप्त हुआ था। इस संबंध में सभी पक्षों को सुनने के बाद यह पाया कि समन्वय समिति की बैठक में कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकल सका। इसके बाद नियमों के विपरीत, पर्यवेक्षकों को सूचना दिए बिना अपात्र व्यक्तियों को समन्वय समिति में शामिल किया गया, जो छत्तीसगढ़ साहू संघ की नियमावली का उल्लंघन है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी व पर्यवेक्षकों की उपस्थिति में समन्वय समिति के निर्णयों पर विचार करते हुए यह निर्णय लिया कि जिला साहू संघ कोरिया की वर्तमान निर्वाचन प्रक्रिया को निरस्त किया जाता है और उससे संबंधित समस्त कार्यवाहियों को शून्य घोषित किया जाता है। साथ ही यह भी आदेश दिया कि कोरिया साहू संघ में लंबे समय से आजीवन सदस्य नहीं बनाए गए हैं। इसलिए सभी पक्ष मिलकर 15 फरवरी तक 3100 रुपए निर्धारित शुल्क जमा कर अधिकतम 200 आजीवन सदस्य बनाएं। आजीवन सदस्यता की अंतिम सूची का प्रकाशन 17 फरवरी को अनिवार्य रूप से किया जाएगा। आदेश के अनुसार मुख्य निर्वाचन अधिकारी की नई नियुक्ति कर प्रारंभिक मतदाता सूची 18 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी। दावा-आपत्ति निराकरण के बाद अंतिम मतदाता सूची 19 फरवरी को जारी की जाएगी। नामांकन प्रक्रिया 20 फरवरी को सुबह 10 बजे से 2 बजे तक संपन्न होगी। यदि समन्वय की स्थिति नहीं बनती है, तो चुनाव 25 फरवरी को जिला मुख्यालय में पर्यवेक्षकों की देखरेख में कराया जाएगा। प्रदेश साहू संघ ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार के विवाद की स्थिति में छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ का निर्णय अंतिम और मान्य होगा। साहू ने प्रेस विज्ञप्ति में यह भी उल्लेख किया है कि कुछ व्यक्तियों द्वारा 4 फरवरी को ग्राम भाड़ी में बैठक आयोजित कर नियमों की अनदेखी करते हुए अवैधानिक रूप से जगदीश साहू को जिला कोरिया साहू समाज का अध्यक्ष घोषित किया गया, जो पूर्णतः नियमविरुद्ध होने के कारण निरस्त करने योग्य है।


