कोहरे का असर बुधवार को जिले के विभिन्न इलाकों में नजर आया । शहरी इलाके में कुछ मीटर दूर तक देख पाना भी मुश्किल था। खेतों में दूर तक बस कोहरा ही कोहरा था वहीं खेतों की बाड़ में लगी तार पर भी ओस की बूंदे टपकती नजर आईं। दैनिक कामकाम पर भी कोहरे का असर दिखाई दिया। सुबह नौ बजे तक तो शहर की सड़कों पर आवाजाही बेहद कम थी। जरूरी कामकाज से निकले लोगों का भी ठिठुरन से बुरा हाल था। न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
कोचिंग स्टूडेंट, सब्जी, दूध बेचने वाले और किसानों पर सर्दी का सबसे ज्यादा असर दिखा। इन लोगों ने सुबह करीब छह बजे से ही दिनचर्या शुरू कर दी। कोहरे के बीच से ये लोग अपने गंतव्य की ओर बढ़ते दिखे। सर्दी के चलते शहर की नई सब्जी मंडी में सुबह खरीदारी के लिए पहुंचने वाले फुटकर ग्राहकों की संख्या घटी है। पार्कों में मॉर्निंग वॉक करने वाले इक्का दुक्का ही नजर आते हैं वहीं सुबह आठ बजे तक चाय की थड़ियों पर लोगों के समूह जुटे रहते हैं। सर्दी और कोहरे ने लोगों के दैनिक कामकाज पर असर डाला है। सामान्यत: सुबह नौ बजे तक खुल जाने वाले बाजार अब सुबह 11 बजे तक खुल रहे हैं वहीं शाम को भी सात बजे तक अधिकांश बाजारों में सन्नाटा छा जाता है, वहीं बाजार में ग्राहकी पर भी सर्दी का असर नजर आता है। बुधवार को सुबह की रेल और बस सेवाओं पर भी सर्दी का असर दिखा। अल सुबह श्रीगंगानगर से रवाना हुई बसों में काफी कम सवारियां नजर आई। वहीं ट्रेनों में भी ऐसे ही हालात रहते हैं।
एक्सपर्ट्स बताते हैं कि अभी न्यूतनतम तापमान साढ़े चार डिग्री सेल्सियस बना हुआ है। कोहरा से जिस तरह के हालात बने हैं इनमें अगले चौबीस घंटे में सर्दी का असर और तेज होने की संभावना है। इस दौरान हवा भी चल सकती है।


