जिले में बुधवार को क्रिसमस का पर्व श्रद्धा, उल्लास और भाईचारे के साथ धूमधाम से मनाया गया। जिले के सभी प्रमुख चर्चों में विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। प्रभु यीशु मसीह के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में चर्चों को भव्य तरीके से सजाया गया था। पूरे जिले में क्रिसमस की चहल-पहल देखी गई और बाजारों में रौनक रही। धौलपुर के सेंट पीटर्स चर्च, सेंट थॉमस चर्च और गुड शेफर्ड चर्च सहित अन्य प्रमुख चर्चों में मंगलवार रात से ही क्रिसमस की तैयारियां पूरी कर ली गई थी। चर्च परिसर को रंग-बिरंगी लाइटों, फूलों और झांकियों से सजाया गया। रात को हुई कैरोल गायन सभा में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। बच्चों और युवाओं ने प्रभु यीशु के जन्म की गाथा गीतों के माध्यम से प्रस्तुत की। चर्चों के भीतर प्रभु यीशु की जन्मस्थली की झांकी आकर्षण का केंद्र रही। श्रद्धालुओं ने रात बारह बजे चर्च में प्रार्थना करते हुए प्रभु यीशु के जन्म का स्वागत किया, जिसके बाद मोमबत्तियां जलाकर शांति और समृद्धि की कामना की गई। पूरा माहौल भक्ति और आनंद से भर गया था। बुधवार सुबह चर्चों में विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की गईं। जहां फादर ने प्रवचन के दौरान प्रभु यीशु के जीवन के महत्व और उनके बलिदान के संदेश को श्रद्धालुओं तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि क्रिसमस केवल एक त्योहार नहीं है, बल्कि यह प्रेम, करुणा, सेवा और त्याग का प्रतीक है। पादरी ने समाज में प्रेम और भाईचारे को बनाए रखने की अपील की और सभी को गरीबों और जरूरतमंदों की सेवा करने का संदेश दिया। इस अवसर पर लोगों ने अपने परिवारों और मित्रों के साथ चर्च में जाकर प्रार्थना की और एक-दूसरे को क्रिसमस की शुभकामनाएं दीं। क्रिसमस के अवसर पर चर्चों में बच्चों द्वारा विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। उन्होंने प्रभु यीशु के जीवन पर आधारित नाटकों और झांकियों का मंचन किया। बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।


