खंडवा के बहुचर्चित गैंगरेप-मर्डर केस में एक आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई हैं। वहीं एक अन्य आरोपी को बरी कर दिया हैं। सजा विशेष अपर सत्र न्यायालाय हरसूद ने आरोपी हरि को सुनाई हैं। जिसने न केवल दरिंदगी की थी, बल्कि प्राइवेट पार्ट में हाथ डालकर बच्चेदानी तक बाहर निकाल दी थी। खून बहने से महिला की मौत हो गई थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि सजा तय करने से पहले अभियोजन पक्ष के विशेष लोक अभियोजक, आरोपी हरि राम और उनके वकील की दलीलें सुनी गईं। आरोपी के वकील ने दलील दी कि हरिराम पहली बार अपराध करने वाला व्यक्ति है। वह गरीब है और उसके परिवार की जिम्मेदारी उसी पर है। अगर उसे कड़ी सजा दी गई तो उसके परिवार पर बुरा असर पड़ेगा। इसलिए उसे कम सजा देने की मांग की गई। वहीं विशेष लोक अभियोजक ने कहा कि आरोपी ने बेहद गंभीर अपराध किया है। यह सामान्य मामला नहीं है, बल्कि अत्यंत जघन्य अपराध है। इसलिए आरोपी को मृत्युदंड दिया जाना चाहिए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने मामले की प्रकृति, उसकी गंभीरता और आरोपी हरिराम के कृत्य पर विचार किया। कोर्ट ने कहा कि आरोपी ने मृतका के साथ न केवल बलात्कार किया, बल्कि उसके बाद उसके निजी अंगों में हाथ डालकर उसकी आंतें तक बाहर निकाल दीं, जिससे उसकी मौत हो गई। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि इतने गंभीर और अमानवीय कृत्य के बाद अगर आरोपी को कम सजा दी जाती है, तो इससे समाज में गलत संदेश जाएगा। ऐसे मामलों में नरमी बरतना उचित नहीं है, क्योंकि इससे अपराधियों का हौसला बढ़ सकता है। अदालत ने यह भी कहा कि सजा का उद्देश्य केवल सुधार करना नहीं होता, बल्कि समाज के लिए एक उदाहरण पेश करना भी होता है। इसलिए इस मामले में आरोपी हरिराम को कम सज़ा देना उचित नहीं माना गया। जानें क्या है पूरा मामला 23 मई 2025 की रात आदिवासी बाहुल्य खालवा क्षेत्र में एक महिला के साथ हैवानियत हुई थी। गांव में ही वैवाहिक कार्यक्रम से लौटते समय पीड़िता के साथ रेप हुआ। जिसके बाद महिला की मौत हो गई थी। इस केस की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल केस दर्ज कर आरोपी हरिओम और सुनील को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तब से दोनों आरोपी जेल में हैं। जांच में सामने आया था कि आरोपी शराब के नशे में थे। उन्होंने दरिंदगी की सारी हदें पार कर दीं। प्राइवेट पार्ट में हाथ डालकर बच्चेदानी तक को बाहर निकाल दिया था। महिला ने होश में रहते हुए यह आपबीती अपने बेटे-बहू को बताई थी। इस जघन्य गैंगरेप और हत्या के मामले में खालवा थाने की पुलिस दो महीने तक इन्वेस्टिगेशन किया और फिर कोर्ट में 94 पेज का विस्तृत चालान पेश किया। केस में 11 अगस्त 2025 से न्यायिक कार्यवाही शुरू हुई और पूरे मामले में 32 गवाहों के बयान दर्ज हुए। खास बात यह है कि, मुख्य आरोपी हरि का बेटा भी सरकारी गवाह के रूप में शामिल था। केस से जुड़े ये चार अहम सबूत सीसीटीवी फुटेज- घटनास्थल के पास स्थित एक किराना दुकान के कैमरों में पीड़िता के साथ आरोपियों की मौजूदगी दर्ज हुई। पुलिस ने डीवीआर से सबुत सुरक्षित किए। 32 गवाहों के बयान- इनमें आरोपी के परिजन, पीड़िता के बेटे-बहू, रिश्तेदार, पड़ोसी, पुलिसकर्मी और पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर शामिल रहे। घटनास्थल से जब्त सामग्री- वारदात में प्रयुक्त खटिया, खून से सनी गोदड़ी, नवाड़ और मिट्टी के नमूने जब्त किए गए। डीएनए और फॉरेंसिक रिपोर्ट- मृतका और आरोपियों के कपड़े, बाल व नाखून के नमूनों की वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत की गई। शराब पीकर घर चले गया था सुनिल, डीएनए रिपोर्ट भी नेगेटिव मामले में कोर्ट के समक्ष सामने आया कि इस केस में दो आरोपी बनाए गए थे। इनमें सुनिल को कोर्ट द्वारा बरी किया गया हैं। उसकी डीएनए रिपोर्ट भी नेगेटिव आई हैं। पुलिस बयान में भी सुनिल ने कहा था कि वह तो हरि और पीड़िता के साथ शराब पीकर घर चले गया था। दुष्कर्म की वारदात को अकेले हरि ने ही अंजाम दिया था। इधर, पुलिस ने सुनिल को पीड़िता की बहू के बयान के आधार पर आरोपी बनाया था। बहू ने कहा था कि- सास ने मौत से पहले दोनों आरोपियों के द्वारा दुष्कर्म किया जाना बताया हैं। पीड़िता की बहू ने सुनाई मौत वाले दिन की कहानी पीड़िता की बहू के मुताबिक, घटना वाले दिन सुबह मेरी सास और पूरा परिवार गांव में एक शादी कार्यक्रम में गया। शाम 7 बजे हम लोग वहां से वापस घर लौट आए। इस दौरान मेरी सास कुछ रिश्तेदारों को खेत तक छोड़ने के लिए चली गई। फिर वो वापस घर नहीं आई। हमने सोचा कि वो उसी रिश्तेदार के घर सो गई होगी। अगले दिन सुबह हरि (आरोपी) की मां हमारे घर आई और बताया कि सास उनके घर के पास पड़ी हुई है। मेरे पति और देवर वहां गए, देखा कि मेरी सास बेहोशी की हालत में खून से लथपथ पड़ी हुई है। पति और देवर उन्हें उठाकर घर ले आए। मैंने सास को लिटाकर पानी पिलाया और फिर देखा कि उन्हें ब्लीडिंग हो रही थी। आंते बाहर निकली हुई थी, गुप्तांग से खून निकल रहा था। यह देखकर हम लोग घबरा गए। मैंने उनसे पूछा तो उन्होंने बताया कि वह रिश्तेदार को खेत पर छोड़कर आ रही थी, तब हरि उसके घर के बाहर खड़ा था। वह मुझे घर के भीतर ले गया। उसने सुनील के साथ मिलकर मेरा बलात्कार किया है। परिवार से राहुल गांधी ने की थी बात, कांग्रेस डेलीगेशन मिला था इस घटना के बाद खंडवा से लेकर भोपाल और दिल्ली तक कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया ने दिल्ली और पूर्व पीसीसी चीफ और केंद्रीय मंत्री अरूण यादव ने भोपाल में प्रेसवार्ता की। भूरिया खुद पीड़िता के घर पहुंचे और फोन पर राहुल गांधी से पीड़िता के बेटे की बात कराई। प्रदेश कांग्रेस ने एक डेलीगेशन भी बनाया। इस डेलीगेशन में शोभा ओझा, विजयलक्ष्मी साधौ और झूमा सोलंकी ने गांव जाकर पीड़िता के घर वालों से बात की थी। ये खबर भी पढ़े- डॉक्टर बोले- गैंगरेप पीड़िता की आंतें बाहर, बच्चेदानी फटी थी:खंडवा पुलिस को नुकीले हथियार के इस्तेमाल की आशंका, ज्यादा खून बहने से गई थी जान


