खंडवा में गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच में लापरवाही:कलेक्टर ने डॉक्टर-एएनएम के वेतन काटने, ऑपरेटर को हटाने के निर्देश दिए

खंडवा में गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व जांच में लापरवाही सामने आने पर कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने सख्त रुख अपनाया है। पुनासा विकासखंड की समीक्षा बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि निर्धारित समय पर जांच नहीं करने और पोर्टल पर जानकारी अपडेट न करने वाले डॉक्टरों, एएनएम और ऑपरेटरों पर वेतन कटौती से लेकर पद से हटाने तक की कार्रवाई की जाए। कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बुधवार को ओंकारेश्वर पुलिस कंट्रोल रूम के सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में अधिकारी और हेल्थ वर्कर को निर्देश दिए कि गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व जांच 9 माह के दौरान कम से कम 4 बार अनिवार्य रूप से की जाए। गांव की स्वास्थ्य कार्यकर्ता और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी प्रत्येक गर्भवती महिला का समय से हेल्थ चेकअप कराना सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने कहा कि, यदि जांच के दौरान किसी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या सामने आती है तो उसे तत्काल विकासखंड या जिला अस्पताल में सीनियर डॉक्टर से चेकअप कराकर इलाज उपलब्ध कराए। ताकि प्रसव के समय जटिलताओं से बचा जा सके। सभी जांच और संबंधित जानकारी विभागीय पोर्टल पर समय पर दर्ज की जाए। एनीमिक (खून की कमी) गर्भवती महिलाओं के मामलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए गए। इसी तरह संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने व मातृ-शिशु मृत्यु दर कम करने पर जोर दिया। कार्य में लापरवाही पर कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की गई है। विभिन्न गांवों में पदस्थ कर्मचारियों के खिलाफ वेतन कटौती, कारण बताओ नोटिस और विभागीय जांच के निर्देश दिए गए हैं।

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