इंदौर में गैंगस्टर सतीश भाऊ और उसकी पत्नी ने खजराना गर्भगृह में जाकर दर्शन किए थे। कलेक्टर ने इस मामले में एफआईआर के आदेश दिए थे। पुलिस ने मेमोरेंडम में भाऊ और उसकी पत्नी का नाम बढ़ाया था। खजराना गणेश मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश के मामले को लेकर पुलिस सतीश भाऊ और उसकी पत्नी की तलाश कर रही थी। पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। सख्ती देख गैंगस्टर भाऊ घबरा गया और बुधवार को अपनी पत्नी व वकीलों के साथ थाने पहुंचा। टीआई मनोज सेंधव के सामने उसने सिर झुका लिया। उसे जमीन पर बैठाकर डोजियर भरवाया गया। साथ ही मंदिर के गर्भगृह में घुसने के मामले में उसे और उसकी पत्नी को नोटिस देकर पुलिस ने छोड़ दिया। सजा पूरी करने के बाद धार्मिक-सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय सतीश भाऊ जेल से सजा पूरी करने के बाद धार्मिक और सामाजिक कामों से जुड़ गया है। उसने पत्नी को भी राजनीति में उतारा है। उसकी संस्था श्रीमंत योगी छत्रपति शिवाजी महाराज विचार मंच के तहत नेहरू स्टेडियम के पास 19 फरवरी की शाम को सांस्कृतिक आयोजन रखा है। इसमें न सिर्फ इंदौर, बल्कि पूरे मालवा और महाराष्ट्र से कई लोग शामिल होंगे। सतीश ने शहर में कई जगह होर्डिंग लगवाए हैं। वहीं, सोशल मीडिया पर भी वीडियो और फोटो डाले हैं। हालांकि आयोजन नजदीक होने के चलते वह वकीलों के माध्यम से थाने पहुंच गया।


