पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन के बाद उनके अंतिम संस्कार और स्मारक को लेकर विवाद हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मोदी को पत्र लिखकर अंतिम संस्कार वहीं करने का निवेदन किया, जहां स्मारक बन सके। इस पर गृह मंत्रालय ने शुक्रवार देर रात कहा, ‘अंतिम संस्कार के लिए निगमबोध घाट चुना गया है। पूर्व पीएम का स्मारक दिल्ली में बनेगा। इसके लिए उचित जगह तलाशी जाएगी और ट्रस्ट बनेगा।’ कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि डॉ. सिंह की पत्नी गुरशरण कौर चाहती थीं कि अंतिम संस्कार वहीं हो जहां स्मारक बनाया जा सके। कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा- सरकार पूर्व पीएम का स्मारक बनाने के लिए जमीन तक नहीं तलाश पाई। ये देश के पहले सिख पीएम का अपमान है। जगह की कमी की बात आने पर प्रियंका गांधी ने डॉ. सिंह का स्मारक शक्ति स्थल (इंदिरा गांधी का स्मारक) या वीरभूमि (राजीव गांधी का स्मारक) के पास बनाने का सुझाव दिया। दूसरी ओर, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, पूर्व प्रधानमंत्री के संदर्भ में सम्मान की परंपरा का निर्वहन होना चाहिए। भाजपा अनुचित उदाहरण पेश न करे। आप सांसद संजय सिंह ने कहा, महान अर्थशास्त्री और सिख समाज से आने वाले एकमात्र प्रधानमंत्री को अंतिम संस्कार के लिए राजघाट के पास जगह न देना सरकार की छोटी सोच को दिखाता है। देश के पहले सिख पीएम, सबसे लंबे समय इस पद पर रहने वाले चौथे नेता मनमोहन सिंह, 2004 में देश के 14वें प्रधानमंत्री बने थे। उन्होंने मई 2014 तक इस पद पर दो कार्यकाल पूरे किए थे। वे देश के पहले सिख और सबसे लंबे समय तक रहने वाले चौथे प्रधानमंत्री थे। उनके निधन पर केंद्र ने 7 दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है। राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे बेलगावी से गुरुवार देर रात दिल्ली पहुंचने के बाद सीधे मनमोहन सिंह के आवास गए थे। राहुल ने X पर लिखा- मैंने अपना मार्गदर्शक और गुरु खो दिया। कांग्रेस ने 3 जनवरी तक अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं।


