पंजाब में खन्ना के नहर पुल गढ़ी तरखाना के पास गत देर रात अज्ञात लोगों ने 20 बच्चों समेत 35 लोगों को जिंदा जलाने की कोशिश की गई। झुग्गियों में सो रहे लोगों के आशियानों को आग लगा दी गई। इस हादसे में करीब 16 झुग्गी और 2 दुकानें जलकर नष्ट हो गई। मां- बाप अपने बच्चों को गोद में उठाकर बाहर दौड़े और अपनी जान बचाई। लेकिन अपने खून पसीने की कमाई से बनाई सिर की छत नहीं बचा सके। इस दौरान लाखों रुपए का नुकसान हुआ। जानी नुकसान से बचाव रहा। इन लोगों ने एक व्यक्ति पर शक भी जताया है। माछीवाड़ा साहिब थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी थी। व्हीकल, कपड़े, नकदी सब जलकर राख सीता राम मुखिया और दर्शी ने बताया कि आधी रात करीब 12:30 बजे झुग्गियों में आग की लपटें देखकर परिवार के सभी सदस्य अपने बच्चों के साथ झुग्गियों से बाहर निकल आए और जोर-जोर से शोर मचाने लगे। आग इतनी भीषण थी कि उन्हें अपने पालतू जानवरों को बाहर निकालने का भी समय नहीं मिला और कई जानवर भी जलकर मर गए और झुग्गियों में रखा सारा सामान भी जलकर राख हो गया। उन्होंने बताया कि अज्ञात लोगों ने उनकी झुग्गियों में आग लगाई गई है। किरयाना की एक दुकान और एक कपड़े की दुकान भी जल गईं। किसी शरारती तत्व ने झुग्गी की छत पर आग लगाई जिससे सारी झुग्गियां आग की चपेट में आ गईं। पीड़ित परिवारों का कहना है कि पुलिस विभाग को मामले की जांच करनी चाहिए और सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। पुलिस ने फायर ब्रिगेड को बुलाया माछीवाड़ा साहिब के एसएचओ पवित्र सिंह ने कहा कि उन्हें देर रात 12.45 बजे आग लगने की जानकारी मिली और वे तुरंत वहां पहुंचे और फायर ब्रिगेड को सूचित किया, लेकिन फिर भी 15-16 झुग्गियां जल गईं और कुछ जानवर भी जल गए। जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।


