खरगोन जिले की मंडियों में चने की आवक तेज हो गई है, लेकिन अब तक समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीदी शुरू नहीं हुई है। किसानों को समर्थन मूल्य से 550 से 600 रुपये प्रति क्विंटल तक कम भाव मिल रहा है, जिससे उन्हें भारी नुकसान हो रहा है। किसानों ने सरकार से जल्द सरकारी खरीदी शुरू करने की मांग की है। सोमवार को खरगोन मंडी में 15 वाहनों से लगभग 250 क्विंटल चना पहुंचा। सरकार ने चने का समर्थन मूल्य 5875 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, जबकि मंडी में इसकी खरीदी 4800 से 5200 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर हो रही है। घुघरियाखेड़ी के किसान मनोहरलाल गुप्ता ने बताया कि उनके चने की नीलामी 5251 रुपये प्रति क्विंटल पर हुई, जो कि समर्थन मूल्य से काफी कम है। किसानों का कहना है कि प्रति एकड़ 5 क्विंटल चने का उत्पादन हो रहा है, लेकिन खेती की बढ़ती लागत के मुकाबले यह भाव बहुत कम है। मंडी सचिव शर्मिला निनामा ने बताया कि सरकारी खरीदी शुरू करने के लिए शासन के निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि फिलहाल 20 फरवरी से मंडी में डॉलर चने की नीलामी शुरू की जा रही है। सेवालाल जयंती महोत्सव के कारण खरगोन मंडी में सोमवार को छुट्टी जैसा माहौल रहा। इस दौरान गेहूं, चना, तुवर, सोयाबीन और मक्का सहित कुल 500 क्विंटल कृषि उत्पादों की आवक दर्ज की गई।


